यादें हाथी और घोडें की: रामपुर के अस्तबल और खाने

रामपुर

 25-02-2018 09:27 AM
वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

हर राजा महाराजा के राज में उसके पास अश्व और हाथी ऐसे प्राणी होते ही हैं खास कर जब बात भारतीय राजाओं की आती है क्यूंकि यह एक प्रतिष्ठा की बात होती है की किसी राजा का अश्वदल या गजदल कितना बड़ा है। बहुतसे राजा इन के अलावा और भी कई प्राणियों-पक्षियों को पालते थे। गज-अश्व का उपयोग शिकार, युद्ध, मनोरंजन, यातायात तथा समारोह में होता था। हाथी और घोड़े आज भी वैभव का प्रतिक माने जाते हैं।

रामपुर नवाब भी हाथी और घोड़ों को पालते थे और उनका अपना एक उम्दा संग्रह भी था। रामपुर के इतिहास का मुआयना करें तो इस काल के गज़ेटियर आदि से पता चलता है की रामपुर नवाब अपने लिए हाथी और घोड़ो की खरीददारी करते थे क्यूंकि रामपुर में यह अधिक मात्रा में उपलब्ध नहीं थे।

काफी काल के लिए रामपुर हाथी-व्यापार का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा था। बहुतायता से यह व्यापार पठान व्यापारियों के कब्ज़े में था जो पटना और बंगाल के मेलों से इनकी खरीददारी करते थे और फिर उन्हें राजपुताना तथा पंजाब के बंजारों को बेच देते थे। रामपुर नवाब बहुत बड़ी संख्या में हाथी पालते थे जो शाहाबाद रातसे पर पिलखना नामक बड़ी इमारत मतलब हाथीखाने में रखे जाते थे।

रामपुर नवाब खास महावत/पीलवान को हाथी पकड़ने के लिए भेजते थे जो तराई और बाकी जंगलों में जाकर जवान हाथी पकडके लाते थे। सरकार ने इस पर आगे रोक लगा दी थी जिस वजह से यह प्रथा बंद हो गयी।

घोड़ों का व्यवसाय भी रामपुर में बहुत होता था क्यूंकि यहाँ पर घोड़ों की पैदाइश कम होती थी। बिलासपुर, टांडा और केमरी के बंजारे घोड़ों का व्यापार बड़ी तादात में करते थे। वे घोड़े के बच्चे दूर दराज़ के इलाकों से लाते थे फिर उन्हें दो-चार साल पालते थे और बाद में मुनाफा कमा कर बेच देते थे। रामपुर के नवाबों के अस्तबल में काफी कीमती नस्ल के घोड़े थे।

प्रस्तुत चित्र जो रामपुर नवाबों के घोड़े के अस्तबल (चित्र 1) और हाथीखाना (चित्र 2) के हैं। इन्हें देखकर हम अंदाज़ा लगा सकते हैं की उनका हाथी और घोड़ों का कितना अच्छा संग्रहण होगा।

1. रामपुर डिस्ट्रिक्ट गज़ेटियर 1911

2. http://www.bl.uk/onlinegallery/onlineex/apac/photocoll/e/019pho000000036u00035000.html

3. http://www.rarebooksocietyofindia.org/postDetail.php?id=196174216674_10151057249201675



RECENT POST

  • रामपुर सहित भारत के बाहर भी मचती है, प्रसिद्ध रथ यात्रा की धूम
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     01-07-2022 10:19 AM


  • एकांत जीवन निर्वाह करना पसंद करती मध्य भारत की रहस्यमय बैगा जनजाति का एक परिचय
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     30-06-2022 08:33 AM


  • कोविड-19 के नए वेरिएंट, क्यों और कहां से आ रहे हैं?
    कोशिका के आधार पर

     29-06-2022 09:16 AM


  • पश्चिमी पूर्वी वास्तुकला शैलियों का मिश्रण, अब्दुस समद खान द्वारा निर्मित रामपुर की दो मंजिला हवेली
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     28-06-2022 08:12 AM


  • क्या क्वाड रोक पायेगा हिन्द प्रशांत महासागर से चीन की अवैध फिशिंग?
    मछलियाँ व उभयचर

     27-06-2022 09:23 AM


  • प्राकृतिक इतिहास में विशाल स्क्विड की सबसे मायावी छवि मानी जाती है
    शारीरिक

     26-06-2022 10:01 AM


  • फसल को हाथियों से बचाने के लिए, कमाल के जुगाड़ और परियोजनाएं
    निवास स्थान

     25-06-2022 09:46 AM


  • क्यों आवश्यक है खाद्य सामग्री में पोषण मूल्यों और खाद्य एलर्जी को सूचीबद्ध करना?
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     24-06-2022 09:47 AM


  • ओपेरा गायन, जो नाटक, शब्द, क्रिया व् संगीत के माध्यम से एक शानदार कहानी प्रस्तुत करती है
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     23-06-2022 09:28 AM


  • जीवन जीने के आदर्श सूत्र हैं , महर्षि पतंजलि के अष्टांग योगसूत्र
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     22-06-2022 10:18 AM






  • © - , graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id