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रामपुर सहित देशभर में हो रहे पेड़ों के अवैध कटान और उनसे निपटने के कुछ आधुनिक उपाय

रामपुर

 24-02-2022 09:16 AM
पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

रामपुर की शानदार सड़कों पर चलते हुए कभी आपने किनारों पर लगे हरे-भरे पेड़ों को गौर से देखा हैं? वास्तव में इन पेड़ों को इतनी ऊंचाई हासिल करने में कई दशकों का समय लगा है। साथ ही प्रकृति ने बूँद-बूँद पानी और दिन रात पोषण देकर अपने पुत्रों की भांति इनका पालन पोषण दिया है। तब जाकर यह पेड़ छोटे-छोटे अन्य जानवरों तथा इंसानों को छाया और प्राणवायु (ऑक्सीज़न) देने की क्षमता विकसित कर पाते हैं।
लेकिन इंसानों का लालच देखिये की, हम मात्र आर्थिक लाभ अर्जित करने हेतु कुदरत की कई वर्षों की मेहनत पर आरी या कुल्हाड़ी चला देते हैं, और मात्र कुछ क्षणों में ही दशकों से शान से खड़े यह हरे भरे वृक्ष धरती की धूल चाटने लगते हैं। मनुष्य को प्राणवायु देने वाले इन वृक्षों का अवैध कटान स्वयं मनुष्य द्वारा हमेशा से होता आया है, और हम केवल मूक दर्शक की भांति प्रकृति और अपने भविष्य के विनाश को देख रहें हैं! निर्माण, कागज और अन्य अनुप्रयोगों के लिए लकड़ी का उत्पादन करने के लिए पेड़ों को काटना आवश्यक है, लेकिन पेड़ों का यह अंधाधुन कटान संभावित रूप से पारिस्थितिक तंत्र और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव डालता हैं। पेड़-पौधे ऑक्सीजन बनाते हैं और ग्रीनहाउस गैसों को अवशोषित करते हैं। इसलिए पेड़ों के विनाश से ग्लोबल वार्मिंग (Global warming) को बढ़ावा मिल सकता है और तापमान असहनीय स्तर तक बढ़ सकता है। पेड़ों को काटने से जानवरों की प्रजातियों के आवास स्थल छिन जाते हैं, जो पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है।
नेशनल ज्योग्राफिक (National Geographic) के अनुसार, "पृथ्वी के 70 प्रतिशत भूमि के जानवर और पौधे, जंगलों में रहते हैं, और उनमें से कई वनों की कटाई से नहीं बच सकते हैं, जो उनके घरों को नष्ट कर देते हैं।" अमेज़ॅन वर्षा वन (amazon rain forest) जैसे उष्णकटिबंधीय वन ,वाष्पीकरण और वर्षा के चक्र को बढ़ावा देते हैं। नासा (NASA) के अनुसार, वर्षा वनों के नुकसान के परिणामस्वरूप उष्णकटिबंधीय स्थलों के पास गर्म और शुष्क जलवायु में वृद्धि हो सकती है, जो पारिस्थितिक तंत्र को नष्ट कर सकती है, जिस पर कई जानवर और पौधे निर्भर होते हैं। रामपुर जैसे शहरों के लिए तो वृक्षों से घिरा रहना कई मायनों में जरूरी हो जाता है। क्यों की वृक्षकहीं न कहीं हमारे शारीरिक, सामाजिक और पारिस्थितिक स्वास्थ्य को निश्चित तौर पर प्रभावितकरते हैं। छोटे स्थानिक पैमानों पर शहरी वृक्षों की आबादी को बनाए रखना मानव स्वास्थ्य को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करता है। शारीरिक स्वास्थ्य के कई पहलुओं को शहरी "हरियाली" के पहलुओं जैसे मृत्यु दर, दीर्घायु, और हृदय गति, और वजन में परिवर्तन के साथ सहसंबद्ध दिखाया गया है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने आगाह किया है कि नई इमारतों या स्टिल्ट पार्किंग सुविधाओं (stilt parking facilities) के लिए रास्ता बनाने के लिए पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई शहर की पारिस्थितिकी के लिए एक गंभीर खतरा हो सकती है। लेकिन कई लोग अभी भी शहर में पेड़ों से ढकें हरे आवरण के प्रति अभी भी जागरूक नहीं हैं।
एक उदाहरण के तौर पर हमारे रामपुर जिले के शाहबाद मार्ग पर वन विभाग के अधीन पेड़ों का भी अवैध कटान हो रहा है। जहाँ लोग शीशम, आम, जामुन के पेड़ों पर चढ़कर मोटी लकड़ी काटकर नीचे गिरा देते हैं। कई पेड़ों के तो सिर्फ तने रह गए हैं।
हालांकि पेड़ों के अवैध कटाई के संबंध में सरकारें और कानून पहले की तुलना में रचनात्मक रूप से अधिक सख्त हो गए हैं। जैसे यदि कहीं आप पेड़ों की अवैध कटाई को देखते हैं, या निजी जमीन पर पेड़ों को काटने की अनुमति चाहते हैं, तो सरकार द्वारा एक मोबाइल एप्लिकेशन (mobile app) लॉन्च किया गया है, जिसके जरिये आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं, अथवा आज्ञा ले सकते हैं। इसके अलावा, 2017 में विश्व पर्यावरण दिवस पर लोगों को एक टोल फ्री नंबर (1800 180 1926) भी समर्पित किया गया है, जहां वे पेड़ों की अवैध कटाई के बारे में विभाग को सूचित कर सकते हैं। राज्य सरकार ने हरित क्षेत्र को 21,505 वर्ग किमी से बढ़ाकर 36,140 वर्ग किमी करने का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरे राज्य में मानसून के दौरान पौधरोपण के मौसम में पेड़ लगाए जाएंगे। वर्ष 2017 में विभाग द्वारा 19 मार्च से 29 मई तक 283 प्रकरणों में अवैध कटाई, 33 प्रकरणों में अवैध शिकार एवं 71 प्रकरणों में अवैध खनन की कार्यवाही की गयी। उक्त अवधि के दौरान 831 अवैध आरा मिलों को या तो सील कर दिया गया है या नष्ट कर दिया गया।

संदर्भ
https://bit.ly/33BLB80
https://bit.ly/3LOEWIL
https://bit.ly/3h3wiIq
https://bit.ly/3sX7JlP
https://bit.ly/3BAWtQe
https://bit.ly/3h1LWUz

चित्र संदर्भ   
1. वृक्ष कटान को दर्शाता चित्रण (wikimedia)
2. कटे हुए पेड़ों को दर्शाता चित्रण (flickr)
3. वन लैंडस्केप अखंडता सूचकांक शेष वन के मानवजनित संशोधन दिखा रहा है जिसको दर्शाता चित्रण (wikimedia)
4. कटे हुए पेड़ का फोटो लेते व्यक्ति को दर्शाता चित्रण (janegoodall)



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