Post Viewership from Post Date to 26-Nov-2021 (30th Day)
City Subscribers (FB+App) Website (Direct+Google) Email Instagram Total
2016 111 2127

***Scroll down to the bottom of the page for above post viewership metric definitions

भारत में मनोरंजन तथा खेल के लिए मछली पकड़ने की बढ़ती लोकप्रियता

रामपुर

 27-10-2021 07:24 AM
मछलियाँ व उभयचर

मनोरंजक मछली पकड़ना (Recreational fishing)‚ जिसे खेल मछली पकड़ना (sport fishing) के नाम से भी जाना जाता है‚ आनंद या प्रतिस्पर्धा के लिए मछली पकड़ना है। इसकी तुलना व्यावसायिक मछली पकड़ने (commercial fishing) से की जा सकती है‚ जो लाभ के लिए पेशेवर मछली पकड़ना है‚ या निर्वाह मछली पकड़ना (subsistence fishing)‚ जो जीवित रहने के लिए मछली पकड़ना है। यह वैश्विक स्तर पर 5% की वार्षिक वृद्धि दर के साथ पर्यटन उद्योग में सबसे तेजी से बढ़ने वाला खंड है। “एंगलिंग” (angling)‚ रॉड‚ रील‚ लाइन और हुक के साथ मछली पकड़ना‚ मनोरंजक मछली पकड़ने के सबसे सामान्य रूपों में से एक है‚ जिसे सामूहिक रूप से टर्मिनल टैकल (terminal tackles) कहा जाता है। अन्य उपकरणों का उपयोग लक्षित मछली को चारे की प्रस्तुति को प्रभावित करने या पूरक करने के लिए भी किया जाता है‚ जैसे वज़न (weights)‚ फ्लोट (floats) और स्विवल्स (swivels) आदि। हिंसक मछलियों को पकड़ते समय अक्सर ताजा चारे के स्थान पर प्रलोभित चारे का उपयोग किया जाता है। मनोरंजक मछली पकड़ने के अन्य रूपों में भाला मछली पकड़ना (spear fishing) शामिल है‚ जो गोताखोरी के दौरान मछली पकड़ने की बंदूक या भाला के साथ किया जाता है‚ और बोफिशिंग (bowfishing)‚ पानी के ऊपर से तीरंदाजी उपकरणों जैसे कि एक नियमित धनुष या एक क्रॉसबो (crossbow) के साथ किया जाता है। एक अन्य सामान्य रूप से प्रचलित स्पोर्ट फिशिंग‚ बिग-गेम फिशिंग (Big-game fishing) है‚ जिसमें टूना (tunas)‚ बिलफिश (billfishes) जैसे मार्लिन (marlins) और शार्क (sharks) जैसी बड़ी खुली पानी की प्रजातियों को पकड़ने के लिए स्पीड-बोट का उपयोग किया जाता है। नूडलिंग (Noodling) और ट्राउट गुदगुदी (trout tickling) भी मनोरंजक गतिविधियाँ हैं।
मछली पकड़ने की तकनीक का प्रभावी उपयोग अक्सर मछली की आदत और निवास स्थान तथा उनके व्यवहार सहित चारा‚ प्रवास आदि के बारे में ज्ञान पर निर्भर करता है। भारत में एक लंबी तटरेखा है‚ जिसमें बड़ी संख्या में नदियाँ‚ धाराएँ‚ झीलें तथा जलाशय आदि शामिल हैं‚ जो स्पोर्ट फिशिंग और एंगलिंग के लिए व्यापक अवसर प्रदान करता है। भारत में मछली पकड़ना पूरे साल संभव है‚ लेकिन स्पोर्ट फिशिंग का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से नवंबर और फरवरी के मध्य से मई के मध्य तक है‚ जब नदियाँ और धाराएँ सभी प्रकार की मछलियों से भरी होती हैं। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग जलवायु परिस्थितियों के कारण‚ मछली पकड़ने का सबसे अच्छा मौसम भी अलग-अलग हो सकता है। अक्टूबर से नवंबर और अप्रैल से जून हिमालयी नदियों में मछली पकड़ने के लिए सबसे अच्छा मौसम है‚ जबकि दक्षिण भारत में सबसे अच्छा मौसम अप्रैल से सितंबर है। भारत में स्पोर्ट फिशिंग की सबसे खास बात यह है‚ कि सभी प्रमुख नदी खंड प्रमुख कस्बों और शहरों में आसानी से उपलब्ध हैं। कुछ प्रमुख तथा सहायक नदियों जैसे; महानदी‚ यमुना‚ कावेरी‚ गंगा‚ ब्रह्मपुत्र‚ सतलुज और हिमालय की छोटी नदियों तथा धाराओं में स्पोर्ट फिशिंग आम हैं। मछलियों की कुछ व्यापक प्रजातियाँ जैसे; महसीर (Mahseer)‚ ट्राउट (Trout) और कार्प (Carps) अंतर्देशीय जल में आमतौर पर पकड़ी जाने वाली प्रजातियाँ हैं। कुल्लू मनाली क्षेत्र में ब्यास नदी की धाराएँ ट्राउट की कुछ सबसे बड़ी किस्मों का बसेरा हैं। सिंधु‚ लिद्दर और उनकी सहायक नदियाँ तथा कश्मीर की छोटी नदियों का एक नेटवर्क‚ ट्राउट के स्पोर्ट फिशिंग के लिए प्रसिद्ध हैं‚ जिसे “एंगलर्स पैराडाइज” (Angler’s Paradise) के नाम से जाना जाता है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Jim Corbett National Park) की रेंज में उत्तरकाशी हिमालय‚ रामगंगा और शारदा नदियों में बसी “डोडीताल ताज़े पानी की झील” तथा भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्सों की नदियाँ और धाराएँ‚ महसीरों के लिए जानी जाती हैं‚ जिन्हें “भारतीय स्पोर्टफिश का राजा” कहा जाता है। मनोरंजन के रूप में मछली पकड़ने का प्रारंभिक विकास स्पष्ट नहीं है‚ लेकिन नौवीं शताब्दी ईसा पूर्व‚ जापान (Japan) में फ्लाई फिशिंग (Fly fishing) के वास्तविक सबूत हैं‚ और यूरोप (Europe) में 175-235 ईसा पूर्व क्लॉडियस एलियानस (Claudius Aelianus) द्वारा अपने काम “जानवरों की प्रकृति पर” (On the Nature of Animals) में फ्लाई फिशिंग का वर्णन किया गया है। फ्लाई फिशिंग‚ मछली पकड़ने का एक तरीका है जिसमें मछली पकड़ने के लिए हल्के वजन के चारे का उपयोग किया जाता है। प्रारंभिक जापानी (Japanese) और मैसेडोनिया (Macedonia) के लोगों के लिए‚ फ्लाई फिशिंग मनोरंजन के बजाय जीवित रहने का एक साधन होने की संभावना थी। संभवतः 1066 की नॉर्मन विजय के साथ मनोरंजक फ्लाई मछली पकड़ने के पूर्ववृत्त इंग्लैंड (England) पहुंचे होंगे। हालांकि इतिहास में वह बिंदु स्पष्ट नहीं है‚ जहां मछली पकड़ने को सबसे पहले मनोरंजक मछली पकड़ना कहा गया होगा‚ लेकिन यह स्पष्ट है कि मनोरंजक मछली पकड़ना‚ पूरी तरह से द कॉम्प्लीट एंगलर (The Compleat Angler) के प्रकाशन के साथ आ गया था।
मनोरंजक मछली पकड़ने पर सबसे पहला अंग्रेजी निबंध प्रिंटिंग प्रेस के आविष्कार के तुरंत बाद 1496 में प्रकाशित हुआ था। जिसका शीर्षक “ट्रीटीज़ ऑफ फिस्सिन्ज विथ एन एंगल” (Treatyse of Fysshynge wyth an Angle) था‚ 16वीं शताब्दी के दौरान यह निबंध बहुत पढ़ा गया था‚ और कई बार पुनर्मुद्रित किया गया था। इस संधि में मछली पकड़ने के पानी‚ छड़ और लाइनों के निर्माण‚ प्राकृतिक चारे और कृत्रिम मक्खियों के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी शामिल है। इसमें स्थिरता और कांटेबाज़ तहज़ीब के बारे में आधुनिक सरोकार भी शामिल हैं। महामारी के दौरान‚ मछली पकड़ना न केवल एक चिकित्सीय शगल बन गया‚ बल्कि देश भर में खाने की मेज के लिए एक पकड़ भी बन गया। वास्तुकार और उद्यमी रोहित थॉमस‚ जिन्होंने 2010 में कोच्चि में मछली पकड़ना शुरू किया था वे कहते हैं‚ “मुनंबम बीच (Munambam Beach ) पर अब स्पिन करने और लाइन डालने के लिए कोई जगह नहीं है। बहुत सारे हुक इधर-उधर उड़ रहे हैं”। मछली पकड़ने की छड़ी‚ स्थिर रेखा तथा पानी पर एक निश्चित नज़र के साथ एकान्त समर्पित एंगलर ने‚ अब शहर में पुलों के किनारों को व्यस्त करने वाले जोशीले एंगलर्स की एक पंक्ति को रास्ता दे दिया है। ब्रांडेड फाइबर-ग्लास रॉड्स (Branded fibre-glass rods) और कताई सामग्री ने पारंपरिक बांस के खंभे की जगह ले ली है। मछली पकड़ने के फैंसी उपकरण बेचने वाले स्टोरों का बढ़ना‚ इस खेल की लोकप्रियता का प्रमाण है। कोट्टायम के एक अनुभवी मछली पकड़ने वाले मोहन एंचेरिल (Mohan Ancheril) बताते हैं‚ कि अधिक एंगलर्स सोशल मीडिया पर अपने द्वारा पकड़ी गई मछलियों के साथ तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं। वह अच्छी गुणवत्ता वाले मछली पकड़ने के उत्पादों की स्थानीय उपलब्धता का भी उल्लेख करते हैं। जीवन शैली के लिए एंगलर्स मछली पकड़ना एक खेल है‚ जिसमें पकड़ी गई मछलियों का उपभोग नहीं किया जाता। पशु अधिकार समूह सक्रिय रूप से नैतिक मछली पकड़ने के लिए अभियान चलाते हैं। जिसके तहत “पकड़ो और छोड़ दो” मोड को प्रोत्साहित किया जाता है। जहां मछली को बिना चारे के फंसाया जाता है‚ तथा रोड़ा मछली पकड़ना या फाउल हुकिंग करना बुरा व्यवहार माना जाता है‚ तथा मछली पकड़ने के बाद उसे वापस छोड़ दिया जाता है।

संदर्भ:

https://bit.ly/2ZmLv1r
https://bit.ly/3BpMs6R
https://bit.ly/3nrBqsL
https://bit.ly/3GlVBRq

चित्र संदर्भ

1. मनोरंजन के लिए मछली पकड़ती महिला का एक चित्रण (youtube)
2. किंग फिश को पकडे सैलानी का एक चित्रण (youtube)
3. हाथ में मछली पकड़े बच्चे का एक चित्रण (flickr)
4. झील में छड़ का प्रयोग करके मछली पकड़ने वाले मछुआरे का एक चित्रण (wikimedia)



***Definitions of the post viewership metrics on top of the page:
A. City Subscribers (FB + App) -This is the Total city-based unique subscribers from the Prarang Hindi FB page and the Prarang App who reached this specific post. Do note that any Prarang subscribers who visited this post from outside (Pin-Code range) the city OR did not login to their Facebook account during this time, are NOT included in this total.
B. Website (Google + Direct) -This is the Total viewership of readers who reached this post directly through their browsers and via Google search.
C. Total Viewership —This is the Sum of all Subscribers(FB+App), Website(Google+Direct), Email and Instagram who reached this Prarang post/page.
D. The Reach (Viewership) on the post is updated either on the 6th day from the day of posting or on the completion ( Day 31 or 32) of One Month from the day of posting. The numbers displayed are indicative of the cumulative count of each metric at the end of 5 DAYS or a FULL MONTH, from the day of Posting to respective hyper-local Prarang subscribers, in the city.

RECENT POST

  • पश्चिमी पूर्वी वास्तुकला शैलियों का मिश्रण, अब्दुस समद खान द्वारा निर्मित रामपुर की दो मंजिला हवेली
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     28-06-2022 08:12 AM


  • क्या क्वाड रोक पायेगा हिन्द प्रशांत महासागर से चीन की अवैध फिशिंग?
    मछलियाँ व उभयचर

     27-06-2022 09:23 AM


  • प्राकृतिक इतिहास में विशाल स्क्विड की सबसे मायावी छवि मानी जाती है
    शारीरिक

     26-06-2022 10:01 AM


  • फसल को हाथियों से बचाने के लिए, कमाल के जुगाड़ और परियोजनाएं
    निवास स्थान

     25-06-2022 09:46 AM


  • क्यों आवश्यक है खाद्य सामग्री में पोषण मूल्यों और खाद्य एलर्जी को सूचीबद्ध करना?
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     24-06-2022 09:47 AM


  • ओपेरा गायन, जो नाटक, शब्द, क्रिया व् संगीत के माध्यम से एक शानदार कहानी प्रस्तुत करती है
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     23-06-2022 09:28 AM


  • जीवन जीने के आदर्श सूत्र हैं , महर्षि पतंजलि के अष्टांग योगसूत्र
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     22-06-2022 10:18 AM


  • कहीं आपके घर के बाहर ही तो नहीं है लाखों रुपयों के ये कीड़े
    तितलियाँ व कीड़े

     21-06-2022 09:42 AM


  • क्या सनसनीखेज खबरों का हमारे समाज से अब जा पाना मुश्किल हो चुका है?
    संचार एवं संचार यन्त्र

     20-06-2022 08:45 AM


  • नेवले और गिलहरी के केप कोबरा के साथ संघर्ष को दिखाता वीडियो
    व्यवहारिक

     19-06-2022 12:12 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id