क्रिकेट का इतिहास और कैसे समय के साथ हुए इसमें कई परिवर्तन

रामपुर

 15-06-2021 08:52 PM
य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

कोविड -19 (Covid-19) महामारी ने विश्व भर में क्रिकेट को बाधित कर दिया है, महामारी का प्रभाव लगभग सभी खेलों में देखने को मिल सकता है। दुनिया भर में और अलग-अलग स्तर के लिए, लीग (League) और प्रतियोगिताओं को रद्द या स्थगित कर दिया गया है।जुलाई 2020 में, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी- ICC) ने घोषणा की कि आईसीसीपुरुष T20 विश्व कप के 2020 और 2021 दोनों संस्करण को महामारी के कारण एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया गया था।इसलिए, 2020 के टूर्नामेंट (Tournament) को नवंबर 2021 में स्थानांतरित कर दिया गया था, और 2021 के टूर्नामेंट को अक्टूबर 2022 में स्थानांतरित कर दिया गया था। 2023 क्रिकेट विश्व कप को भी नियोजित की तुलना में आठ महीने बाद होने के लिए पुनर्निर्धारित किया गया था, टूर्नामेंट अक्टूबर और नवंबर 2023 में स्थानांतरित हो गया था। ऑस्ट्रेलिया (Australia) और भारत ने टूर्नामेंट की मेजबानी के अधिकार बरकरार रखे, भारत 2021 टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा, और ऑस्ट्रेलिया 2022 टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। ICC ने पुष्टि की कि 2021 महिला क्रिकेट विश्व कप और टूर्नामेंट के क्वालीफायर (Qualifier) को महामारी के कारण एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया गया था। कोरोनावायरस महामारी ने कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तिथि-निर्धारण और टूर्नामेंटों पर प्रभाव डाला।
क्रिकेट एक बल्ले और गेंद का दलीय खेल है जिसकी शुरुआत दक्षिणी इंग्लैंड (England) में हुई थी।क्रिकेट (Cricket) के शुरुआती दिनों में अंडर आर्म बॉलिंग (Underarm bowling) ही एकमात्र तरीका था। यदि देखा जाएं तो क्रिकेट की उत्पत्ति के बारे में कई सिद्धांत मौजूद हैं। एक सुझाव देता है कि यह खेल चरवाहों के बीच एक पत्थर या ऊन की गेंद को एक लाठी से मारकर शुरू खेला जाता था और साथ ही, उन्होंने भेड़शाला में लगे द्वार को अपना विकेट (Wicket) बनाया था।एक दूसरे सिद्धांत से पता चलता है कि यह नाम इंग्लैंड (England) में 'क्रिकेट' के नाम से विख्यात एक छोटे स्टूल (Stool) से आया है। जोकि एक तरफ से लंबे, निम्न विकेट की तरह दिखता था, इन्हें खेल के शुरुआती दिनों में उपयोग किया जाता है (मूल रूप से फ्लेमिश'क्रिकस्टोएल (Krickstoel)' से, एक कम स्टूल जिस पर चर्च (Church) में पैरिशियन (Parishioners) घुटने टेकते हैं)। हालांकि 1478 में उत्तर-पूर्व फ्रांस (France) में 'क्रोक्वेट (Croquet)’का किया गया जिक्र भी इसके इतिहास का साक्ष्य है,औरइस बात का भी सबूत मौजूद है कि यह खेल मध्य युग में दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में विकसित हुआ था।मूल रूप से, क्रिकेट में सभी गेंदबाजों द्वारा गेंद को अंडरआर्म तरीके से दिया है। 19वीं सदी के शुरूआती दौर में बल्लेबाज और गेंदबाज के बीच संतुलन पहले के पक्ष में बहुत ज्यादा घूम गया था, भले ही खराब फेंक ने खेल के अंकों को काफी गिरा दिया। इस असंतुलन का मुकाबला करने के लिए गेंदबाजों ने संतुलन साधने के तरीके तलाशने शुरू कर दिए। इससे किसी भी सचेत निर्णय के बजाय प्राकृतिक विकास द्वारा राउंड-आर्म (Round-arm) बॉलिंग का उद्भव हुआ जिसमें गेंद को या तो कंधे की ऊंचाई से या उससे नीचे से फेंका गया। राउंड-आर्म के उद्भव के संदर्भ में एक लोकप्रिय वृत्तांत में कहा गया है कि इसकी शुरूआत तब हुई जब क्रिकेटर (Cricketer)जॉनविल्स (John Willes) की बहन क्रिस्टीनाविल्स (Christina Willes), बगीचे में क्रिकेट खेलते समय उन्हें गेंद डाल रही थीं। किंतु उस समय की प्रचलित विशालकाय स्कर्ट (Skirt) की वजह से वह अंडरआर्मगेंदबाजी नहीं कर पा रही थीं,इसलिए उन्होंने अपना हाथ हमेशा की तरह नहीं बल्कि अधिक ऊपर उठाया।1816 में राउंड-आर्मबॉलिंग पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून बदले गए।15 जुलाई, 1822 को, विल्स ने लॉर्ड (Lord) में एमसीसी (MCC) के खिलाफ केंट के लिए राउंड-आर्मगेंदबाजी की, परंतु उन्हें नो-बॉल (no-balled–हालांकि उस समय अंडरआर्म के अलावा अन्य तकनीक अवैध नहीं थी, लेकिन निश्चित रूप से उन्हें अभद्र माना जाता था - और अधिनिर्णायक को कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए नो-बॉल पुकारने की अनुमति थी) किया गया।
1820 के दशक तक राउंड-आर्मबॉलिंग अत्यधिक प्रचलित हो गयी थी। 1828 में, MCC ने कानूनों को फिर से संशोधित किया, जिससे गेंदबाज को कोहनी तक हाथ उठाने की अनुमति मिली। सात साल बाद, MCC ने राउंड- आर्मवितरण की अनुमति के लिए कानूनों को फिर से लिखा। 1845 में नियमों में और बदलाव आए और कंधे तक हाथ उठा कर गेंद फेंकने की अनुमति दी गयी। 1864 का वह दौर था जब आज की तरह से गेंद फेंकनेका नियम बना और आज तक उसी प्रकार से गेंद फेंकी जाती है।वर्तमान समय में गेंदबाज अत्यंत तीव्र गति से गेंदबाज़ी करते हैं और इसलिए उनमें से कुछ गेंदबाजों ने गेंदबाजी में विश्व में अपना कीर्तिमान स्थापित कर लिया है. इन गेंदबाजों में से कुछ गेंदबाज शोइब अख्तर, शौनटैट, ब्रेट ली, जेफ्फ थोमसन आदि हैं, जिनका रिकॉर्ड (Record) क्रमशः 161.3 किलोमीटर प्रतिघंटा, 161.1 किलोमीटर प्रतिघंटा, 161.1 किलोमीटर प्रतिघंटा, 160.6 किलोमीटर प्रतिघंटा है।

संदर्भ :-
https://bit.ly/3xpwvfk
https://bit.ly/3goaQ15
https://es.pn/3iJNPYi
https://bit.ly/2SyfReo

चित्र संदर्भ
1.क्रिकेट सभी उम्र के कई लोगों के लिए भारत में मुख्य खेल है। यहां युवा लड़के दोस्ताना खेल खेलते नजर आ रहे हैं जिसका एक चित्रण (wikimedia)
2. क्रिकेट बल्ले के इतिहास को दर्शाती एक कलाकृति (artwork) का एक चित्रण (wikimedia)
3. सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय खिलाडियों की सूची का एक चित्रण (wikimedia )



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