दृश्यों की संवेदनशील प्रकृति के कारण भिन्न हैं, मोचे संस्कृति द्वारा बनाए गये मिट्टी के बर्तन

रामपुर

 29-11-2020 06:58 PM
द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य
मोचे (Moche) लोग, पेरू (Peru) के तट पर लगभग 100-700 ईस्वी तक रहते थे। जबकि उनकी संस्कृति आज बहुत कम ज्ञात है, लेकिन, उन्होंने बड़ी मात्रा में मिट्टी के पात्रों को अपने पीछे छोड़ दिया है, जो दुनिया भर के संग्रहालयों में पाए जा सकते हैं। हालांकि कभी-कभी मिट्टी के पात्र, उन दृश्यों की संवेदनशील प्रकृति के कारण छिप जाते हैं, जिन्हें उनमें बनाया या दर्शाया गया होता है। मोचे मिट्टी के पात्र कभी-कभी रूप और आकार में अपेक्षाकृत सरल होते हैं, लेकिन इस पर बनाये गये जटिल चित्रों के साथ। मिट्टी के इन पात्रों को जटिल विन्यास में भी तराशा गया है। इन पात्रों में लगभग सभी चीजें चित्रित की गयी हैं, जिनमें जानवर, देवता, मानव आदि की तस्वीरें या चित्र शामिल हैं। मनुष्य जो कुछ भी कर रहा होता है, उसे भी विभिन्न तरीकों से इन पात्रों में दर्शाया गया है। मोचे की संस्कृति से ऐसे 500 से अधिक पात्र पाए गए हैं, जो मानव को यौन गतिविधियों में संलग्न दिखाते हैं। कुछ पात्र पुरूषों और स्त्रियों के गुप्त अंगों को प्रदर्शित करते हैं, जो प्राचीन दुनिया की कला में काफी सामान्य है। मिट्टी के पात्रों में मौजूद चित्रों में योनि सम्बंधित यौन क्रियाओं को नहीं दिखाया गया है, हालांकि मोचे कुम्हारों ने गुदा सम्बंधित यौन क्रियाओं को अपने मिट्टी के पात्रों में प्रदर्शित किया है।
संदर्भ:
https://www.youtube.com/watch?v=FcRHQqXNSk8
https://www.youtube.com/watch?v=WSAFCL91OrU


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