किसानों के लिए अत्यधिक फायदेमंद है शरीफा की खेती

रामपुर

 31-08-2020 07:26 AM
पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

रामपुर में फलीय पेड़ों की अनेक विविधता देखने को मिलती है तथा इन्हीं विविधताओं में से एक पेड़ शरीफा या सीताफल का भी है, जिसे वैज्ञानिक तौर पर अनोना स्क्वामोसा (Annona Squamosa) कहा जाता है। इसका फल अत्यधिक स्वादिष्ट और मीठा होता है। शरीफा की खेती प्रायः ब्राज़ील और भारत में सबसे अधिक देखने को मिलती है। ऑस्ट्रेलिया और भारत में इसे अंग्रेज़ी भाषा में कस्टर्ड एप्पल (Custard Apple) के नाम से भी जाना जाता है। पहले यह माना जाता था कि शरीफा भारत का मूल फल है, ऐतिहासिक और दार्शनिक विवरण इस बात को अस्पष्ट बताते हैं। इसका फल गोलाकार या शंक्वाकार होता है, जिसका व्यास 5-10 सेंटीमीटर और लम्बाई 6-10 सेंटीमीटर होती है। फल का वज़न 100-240 ग्राम तक हो सकता है। फल के अंदर बीज होते हैं जो लगभग 13-16 मिलीमीटर लम्बाई के साथ एक शंक्वाकार मूल के चारों ओर एक परत में व्यवस्थित अलग-अलग खंड बनाते हैं। फल अन्दर से काफी सुगंधित, मीठा, नरम, दानेदार और चिकना होता है।

इनकी कुछ ऐसी किस्में भी मौजूद हैं, जो लगभग बीज रहित होती हैं। शरीफा विटामिन सी (Vitamin C), मैंगनीज़ (Manganese), थाइमिन (Thiamine) और विटामिन B6 का उत्कृष्ट स्रोत है, जिसमें उचित मात्रा में विटामिन B2, B3, B5, B9, आयरन (Iron), मैग्नीशियम (Magnesium), फास्फोरस (Phosphorous) और पोटेशियम (Potassium) भी मौजूद होता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से ताज़ा होने पर किया जाता है, क्योंकि ताजा होने पर यह अत्यधिक मलाईदार और मीठा होता है। इसका गूदा पाचन योग्य तथा पौष्टिक है, जिसमें प्रोटीन (Protein) और फास्फोरस की उचित मात्रा पायी जाती है। फल से रस, शर्बत, मिठाई, वाइन (Wine) और आइसक्रीम (Ice Cream) भी बनायी जा सकती है। सूखे हुए कच्चे फल, बीज और पत्तियों के चूर्ण को कीटनाशक के रूप में उपयोग किया जाता है। इसके अलावा इसकी पत्तियों, तनों और बीजों का उपयोग रेशा, तेल आदि बनाने के लिए भी किया जाता है।

पारंपरिक रूप से शरीफे के पेड़ को बीज प्रसार विधि से उगाया जाता है। हालांकि, इस विधि में कई नुकसान हैं, जैसे कम अंकुरण दर, उच्च आनुवंशिक परिवर्तनशीलता, फसल की देर से शुरुआत और लंबे पौधे होने की वजह से इन्हें संभालना मुश्किल होता है। इसे उगाने की दूसरी विधि ग्राफ्टिंग (Grafting) है। यह विधि सबसे अधिक अनुशंसित है क्योंकि यह एक ही आनुवंशिक पहचान, बेहतर उत्पादन, स्वस्थ और अच्छी गुणवत्ता वाले पौधों को सुनिश्चित करता है। इसे उगाने के लिए आपको इसके पेड़ से पूरी तरह से पके हुए फल के बीज इकट्ठा करने होंगे और उन्हें जल्द से जल्द बोना होगा। अच्छी गुणवत्ता वाले बीज मिश्रण को 1.5 सेंटीमीटर की दूरी पर क्षैतिज रूप से, तथा 2-3 सेंटीमीटर की गहराई पर लगाएं। आमतौर पर, अंकुरण 30 दिनों के भीतर होता है। बीज को बोने तथा अंकुरण के बाद पेड़ को उचित देख-रेख की भी आवश्यकता होती है। शरीफे के पेड़ के लिए सबसे इष्टतम तापमान लगभग 50-85 फ़ारेनहाइट (Fahrenheit) है। यह भले ही एक उष्णकटिबंधीय पेड़ है, लेकिन इसकी प्रतिरोधक क्षमता ठंड का सामना कर सकती है। परन्तु जब तापमान 32 फ़ारेनहाइट से नीचे गिरता है तो नए पौधे और अंकुर मर जाते हैं। यह पौधे आसानी से सूखे की विस्तारित अवधि का सामना कर सकते हैं। लेकिन अत्यधिक सूखे से इसकी पत्ती और फल गिर सकते हैं।

इष्टतम विकास के लिए, इसे 750 और 1,200 मिलीमीटर के बीच वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है। बरसात में इसे सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती। एक परिपक्व पेड़ को प्रत्येक 12 से 15 दिनों में पानी देना चाहिए। शरीफे की खेती PH स्तर 7-8 की अनुपजाऊ, पथरीली मिट्टी में की जा सकती है। यद्यपि यह मिट्टी की एक विस्तृत श्रृंखला में उगाया जा सकता है, लेकिन मिट्टी अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए क्योंकि जल निकासी बीमारियों को रोकने के लिए आवश्यक होती है। पेड़ की उत्पादकता बढ़ाने के लिए विशेष रूप से फूलों की अवधि के दौरान आर्द्रता 60% से ऊपर बनाए रखी जानी चाहिए। पेड़ को सुरक्षित रखने के लिए इसे तेज हवा से सुरक्षित रखना आवश्यक है क्योंकि तेज हवा शाखाओं को तोड़ सकती है। बढ़ते पेड़ को खरपतवार प्रबंधन की भी आवश्यकता होती है। किसानों के लिए इसे उगाना अत्यधिक फायदेमंद है क्योंकि यह एक सूखा-सहिष्णु फसल है, जोकि सूखे के दौरान भी हरी और स्वस्थ रह सकती है। इसके पेड़ों को ज्यादा पानी या महंगे उर्वरकों और कीटनाशकों की जरूरत नहीं है, यह ज्यादातर कीटों और बीमारियों से मुक्त रहता है। महाराष्ट्र 92,320 टन के शरीफे के उत्पादन के साथ शीर्ष में है, इसके बाद गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ आते हैं। यह असम, बिहार, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में भी उगाया जाता है।

संदर्भ:
https://en.wikipedia.org/wiki/Sugar-apple
https://balconygardenweb.com/how-to-grow-sugar-apple-growing-sugar-apple-care/
https://yourstory.com/2018/04/custard-apple-farmers-houses-maharashtra

चित्र सन्दर्भ :
मुख्य चित्र में शरीफा फल को दिखाया गया है। (Unsplash)
दूसरे चित्र में दूसरे चित्र में एक प्लेट में शरीफा (साबुत और कटा हुआ) दिखाया गया है। (Picseql)
तीसरे चित्र में वृक्ष पर लगे हुए शरीफा को दिखाया गया है। (Pikist)
चौथे चित्र में एक मेज़ पर रखे शरीफों को दिखाया गया है। (Publicdomainpictures)



RECENT POST

  • प्रति घंटे 72 किलोमीटर तक दौड़ सकते हैं, भूरे खरगोश
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:30 PM


  • अध्यात्म और गणित एक ही सिक्के के दो पहलू हैं
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:15 AM


  • भारत में प्रचिलित ऐतिहासिक व् स्वदेशी जैविक खेती प्रणालियों के प्रकार
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 09:59 AM


  • भारत के कई राज्यों में बस अब रह गई ऊर्जा की मामूली कमी, अक्षय ऊर्जा की बढ़ती उपलब्धता से
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:42 AM


  • मिट्टी के बर्तनों से मिलती है, प्राचीन खाद्य पदार्थों की झलक
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:44 AM


  • काफी हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है संपूर्ण विश्व में बुद्ध पूर्णिमा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:46 AM


  • तीव्रता से विलुप्‍त होती भारतीय स्‍थानीय भाषाएं व् उस क्षेत्र से संबंधित ज्ञान का भण्‍डार
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-05-2022 02:11 AM


  • जलीय पारितंत्र को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, शार्क
    व्यवहारिक

     15-05-2022 03:26 PM


  • क्या भविष्य की पीढ़ी के लिए एक लुप्त प्रजाति बनकर रह जाएंगे टिमटिमाते जुगनू?
    तितलियाँ व कीड़े

     14-05-2022 10:07 AM


  • गर्मियों में रामपुर की कोसी नदी में तैरने से पूर्व बरती जानी चाहिए, सावधानियां
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     13-05-2022 09:35 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id