भारत और तुर्की का अनूठा रिश्ता

रामपुर

 28-05-2020 09:40 AM
सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

भारत प्राचीन समय से ही एक खुले विचारों वाला देश रहा है, जिसने यहाँ पर आने वाले सभी लोगों का स्वागत किया है और अपने में स्थान दिया है। प्रागैतिहासिक काल से ही भारत के रिश्ते विभिन्न देश और लोगों से रहे हैं, जो कि समय के साथ और भी मज़बूत हुए हैं। भारत और तुर्की के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंध हैं, जिनकी ऐतिहासिकता वैदिक काल तक जाती है। इन दोनो देशों के बीच में आर्थिक, राजनैतिक और सामाजिक तीनों प्रकार के रिश्ते रहे हैं। तुर्क सुल्तानों और भारतीय मुस्लिम शासकों के बीच राजनैतिक दृष्टिकोण से पहला आदान-प्रदान वर्ष 1481-82 में हुआ, जिसके बाद यह रिश्ता इतनी बुलंदियों तक गया कि दोनो देशों की सांस्कृतिक को प्रभावित करना लगा, जिसका तुर्की प्रभाव भारत पर ज्यादा दिखाई देता है। भारत की भाषा, कला और वास्तुकला, वेशभूषा और भोजन जैसे क्षेत्रों में तुर्की प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। दोनो देशों की भाषा तो कुछ इस तरह से प्रभावित है कि दोनो देशों की भाषा में 9,000 से भी अधिक शब्द आम है, यह प्रभाव हिंदी के साथ साथ उर्दू और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी दिखाई देता है। मुग़लों के बाद दोनो देशों के रिश्तों में थोड़ा सी रुकावट आती है मगर फिर से 1920 के दशक से दोनो देशों के मध्य नए रिश्ते क़ायम होते हैं जो वर्तमान समय तक अबाध गति से चलते आ रहे हैं।

भारत की स्वतंत्रता की घोषणा के बाद तुर्की ने भारत को मान्यता दी जिससे दोनों देशों के बीच राजनैतिक संबंधो को बल मिला। चूंकि शीत युद्ध के दौर में तुर्की पश्चिमी गठबंधन और गुट-निरपेक्ष आंदोलन का हिस्सा था, इसलिए द्विपक्षीय संबंध वांछित गति से विकसित नहीं हुए थे। हालाँकि, शीत युद्ध के दौर की समाप्ति के बाद से, दोनों पक्षों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को हर क्षेत्र में विकसित करने की कोशिश की है। दोनो देशों में अभी भी दोनो देश के नागरिक रहते है, भारत में तुर्क, संख्या में बहुत बड़ी मात्रा में नहीं पर एक अच्छी मात्रा में ज़रूर निवास करते है। तुर्की शासकों के वंशज भी भारत में मौजूद हैं। मुगल जो तुर्क लोग हैं, वे भी महत्वपूर्ण संख्या में भारत में रहते हैं। 1961 की जनगणना में, 58 लोगों ने कहा कि उनकी मातृभाषा तुर्की थी। 2001 की जनगणना के अनुसार, भारत के 126 निवासियों ने तुर्की के रूप में अपना जन्म स्थान बताया। 2010 की शुरुआत में एक राज्य की यात्रा में, तुर्की के प्रधान मंत्री अब्दुल्ला गुएल ने भारत में रहने वाले तुर्की प्रवासियों से मुलाकात की और नई दिल्ली में तुर्की के छात्रों को हिंदी-तुर्की शब्दकोश सौंपा। तुर्क वंशज की एक महत्वपूर्ण आबादी भी है जिन्हें रोथर के नाम से जाना जाता है। रोथर समुदाय गर्व और पूर्व अभिजात्य वर्ग है। ये तमिलनाडु के मदुरै पर शासन करने वाले सुल्तान थे। रोवर्स को “बहादुर घुड़सवार” के रूप में भी जाना जाता है। माना जाता है कि वे तुर्क साम्राज्य के समय भारत चले गए थे। वे एक उच्च आत्मसात समुदाय हैं और उनका जीन पूल अत्यधिक विविध है। वे ज्यादातर दक्षिणी भारत में पाए जाते हैं, विशेष रूप से वर्तमान केरल और तमिलनाडु में।

चित्र (सन्दर्भ):
1. ग़ज़नवी तुर्क : उत्तर भारत (British Library, Public Museum)
2. बाबरनामा और भारत में तुर्क (Pinterest)

सन्दर्भ :
1. https://en.wikipedia.org/wiki/India%E2%80%93Turkey_relations
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Turks_in_India
3. https://en.wikipedia.org/wiki/Indians_in_Turkey



RECENT POST

  • क्या रहा समयसीमा के अनुसार, अब तक प्रारंग और रामपुर का सफर
    शुरुआतः 4 अरब ईसापूर्व से 0.2 करोड ईसापूर्व तक

     14-08-2020 08:00 AM


  • जल की मात्रा पर आधारित है, जल घडी
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     14-08-2020 06:34 PM


  • जंगल की आग:अनूठे पलाश
    बागवानी के पौधे (बागान)

     13-08-2020 07:40 PM


  • रामपुर में मेंथा की खेती
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     12-08-2020 06:29 PM


  • जन्माष्टमी के कई उत्सव
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     11-08-2020 09:42 AM


  • जलवायु परिवर्तन के नैतिक सिद्धांत
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     10-08-2020 06:36 PM


  • धरती का सबसे बारिश वाला स्थान
    जलवायु व ऋतु

     09-08-2020 03:46 AM


  • विभिन्न देशों में लोकप्रियता हासिल कर रही है कबूतर दौड़
    पंछीयाँ

     08-08-2020 06:54 PM


  • बौद्धिक विकास के लिए अत्यधिक लाभकारी है सुरबग्घी
    हथियार व खिलौने

     06-08-2020 06:14 PM


  • स्वस्थ फसल बनाम मृदा स्वास्थ्य कार्ड
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     06-08-2020 09:30 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id