Machine Translator

रामपुर व भारत में कृषि का महत्त्व

रामपुर

 05-10-2017 06:55 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति
भारत एक कृषि प्रधान देश है तथा भारत की लगभग 70% की जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों मे निवास करती है, जिसमें से 60 प्रतिशत जनसंख्या का प्रमुख व्यवसाय कृषि है। भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है। करीब 60के दशक को भारत की हरित क्रान्ति का दौर माना जाता है, क्योंकि यही वह दौर था जब कृषि के क्षेत्र में भारत ने कई उपल्बधियाँ प्राप्त की। तत्कालीन प्रधान मंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्रीजी ने इसी काल में जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। यह नारा भारत में जोश व उन्नति का संचार लाया। भारत की कृषि कार्य-प्रणाली में करीब 60वे दशक के मध्य तक मात्र पारंपरिक बीजों को ही प्रयोग में लाया जाता था, जिसके परिणामस्वरूप कृषि की उपज भी अपेक्षाकृत कम होती थी। परन्तु 1960 ई0 के बाद उच्च उपज वाले (HYV) बीजों का प्रयोग शुरु हुआ जिसके परिणामस्वरूप कृषि के उत्पादन में काफी वृद्धि हुई। जिस कारण इस दौर को हरित क्रांन्ति का दौर माना गया। अतः अब कृषि के महत्व की बात की जाये तो भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का स्थान अत्यन्त ही महत्वपूर्ण है। अतः वर्तमान समय में देखा जाये तो, भारत की बहुत बड़ी आबादी को कृषि के माध्यम से ही रोजगार प्राप्त होता है। ग्रामीण क्षेत्रो में कृषि रोजगार का सबसे बड़ा साधन है। अब हम रामपुर शहर और रामपुर जिले की बात करे तो रामपुर जिले में कृषि की प्रधानता है,रामपुर जिला उत्तर-प्रदेश के मुरादाबाद मण्डल का प्रमुख जिला है, इसके उत्तर दिशा में उधमसिंह नगर जिला (उत्तराखंड), पूर्व में बरेली जिला, पश्चिम में मुरादाबाद जिला, दक्षिण में बदायूँ जिला है। यहाँ रबी और खरीफ़ दोनो ही प्रकार कि फसलों का उत्पादन उच्च मात्रा में किया जाता है। रामपुर भारत के उन प्रमुख कृषि क्षेत्रों मे से एक है जहा मेन्थोल (पिपरमेंट) का उत्पादन किया जाता है। भौगोलिक स्थिति से रामपुर का कृषि क्षेत्र अत्यन्त उपजाऊ है। यह क्षेत्र कोसी नदी के बाँए किनारे पर स्थित होने के कारण इस क्षेत्र की मिट्टी अधिक उपजाऊ है, जिसका प्रमुख कारण है नदी के पानी के बहाव के साथ आने वाली उपजाऊ मिट्टी का यहाँ के क्षेत्र में आकर के रूक जाना। इसी कारण इस क्षेत्र में दोमट मिट्टी की अधिकता पायी जाती है। रामपुर जिले की 97 प्रतिशत भूमि कृषी के योग है, अतः यहाँ की प्रमुख फसलें गेहूँ, चावल, गन्ना, आलू, दलहन तथा मेन्थोल है। रामपुर की कुल जनसंख्या में से 32 प्रतिशत कार्यरत है, जिनमे 83 प्रतिशत पुरुष तथा 11 प्रतिशत महिलाये कार्यरत हैं। ईनमें से मुख्य कार्यरत कर्मचारी 77 प्रतिशत है जिनमें 82 प्रतिशत पुरूष और 49 प्रतिशत महिलायें हैं। अतः रामपुर क्षेत्र की कुल कार्यरत जनसंख्या का 60 प्रतिशत भाग कृषी के कार्यों में कार्यरत है। 1. http://krishimitra.in/index.php/2-uncategorised/5-2015-03-25-18-19-44 2. https://sol.du.ac.in/mod/book/view.php?id=1737 3. https://thaluaclub.in/2015/10/23/importance-of-agriculture/

RECENT POST

  • टी-शर्ट का इतिहास
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     19-06-2019 11:15 AM


  • पाकिस्‍तान में अभी भी जीवित हस्‍त कशीदाकारी
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     18-06-2019 11:10 AM


  • क्‍या है लाल मांस और सफेद मांस के मध्‍य भेद?
    शारीरिक

     17-06-2019 11:13 AM


  • एक पिता का अंतिम सम्मोहन
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-06-2019 10:30 AM


  • दोषों की विषमता ही रोग है और दोषों का साम्य आरोग्य
    व्यवहारिक

     15-06-2019 11:01 AM


  • खेतिहर ग्रामीणों के शोषण और संघर्ष को दर्शाती पुस्तक एवरीबडी लव्स अ गुड ड्रौट
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-06-2019 11:06 AM


  • रामपुर का ऐतिहासिक रामपुर क्लब, इसका पतन,एवं रामपुर के अन्य क्लब
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-06-2019 10:44 AM


  • प्रगतिशील कलाकारों के योगदान से हुआ था आधुनिक कला का जन्म
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     12-06-2019 12:04 PM


  • हर एक मस्जिद में मिलेंगे आपको ये ख़ास अंग
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     11-06-2019 11:14 AM


  • कैसे बनायें गर्मियों में अपने लिए एक हरा भरा लॉन
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     10-06-2019 12:01 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.