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भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाएं

रामपुर

 02-02-2020 10:00 AM
संचार एवं संचार यन्त्र

सरलतम शब्दों में कहें तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) का अर्थ है एक मशीन में सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को कंप्यूटर साइंस (Computer Science) का सबसे उन्नत रूप माना जाता है और इसमें कंप्यूटर का ऐसा दिमाग विकसित किया जाता है, जो इंसानों की तरह सोच सके।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संकल्पना बहुत पुरानी है। ग्रीक मिथकों में 'मैकेनिकल मैन (Mechanical Man)' की अवधारणा से संबंधित कहानियाँ मिलती हैं अर्थात् एक ऐसा व्यक्ति जो हमारे किसी व्यवहार की नकल करता है। प्रारंभिक यूरोपीय कंप्यूटरों को 'लॉजिकल मशीन (Logical Machine)' की तरह डिजाइन किया गया था यानी उनमें बेसिक गणित, मेमोरी जैसी क्षमताएँ विकसित कर इनका मैकेनिकल मस्तिष्क के रूप में इस्तेमाल किया गया था। लेकिन जैसे-जैसे तकनीक उन्नत होती गई और गणनायें जटिल होती गयीं, उसी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संकल्पना भी बदलती गई। इसके तहत इनको मानव व्यवहार की तरह विकास करने की कोशिश की गई, ताकि ये अधिकाधिक इस तरह से इंसानी कामों को करने में सक्षम हो सकें, जिस तरह से आमतौर पर हम सभी करते हैं।

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाएं
रोबोटिक्स (Robotics), वर्चुअल रियल्टी (Virtual Reality), बिग डेटा (Big Data), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग (Machine Learning) और अन्य दैनिक के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर भारत में निकट भविष्य में चौथी औद्योगिक क्रांति का सूत्रपात होने की संभावनाएं तलाशी जाने लगी हैं। विशेष रूप से देश के सामाजिक और समावेशी कल्याण के लिए नवाचारों में विशिष्ट रूप से इसका उपयोग किया जाएगा। स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में क्षमता बढ़ाने, शिक्षा में सुधार लाने, नागरिकों के लिए अभिनव शासन प्रणाली विकसित करने और देश की समग्र आर्थिक उत्पादकता में सुधार के लिए देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी भविष्य की योजना को स्वीकार करने का समय नजदीक आ रहा है।

सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास
राष्ट्रीय स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने के लिए नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार की बैठक में एक समिति का गठन किया गया है। इसमें सरकार के अधिकारियों के अलावा शिक्षाविदों और उद्योग जगत को भी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। वर्तमान बजट में सरकार ने फिफ्थ जनरेशन टेक्नोलॉजीज स्टार्टअप (5th Generation Technologies Startups) के लिए 480 मिलियन डॉलर का प्रावधान किया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग इंटरनेट ऑफ थिंग्स, 3-डी प्रिंटिंग और ब्लॉक चेन शामिल हैं। इसके अलावा सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, बिग डेटा इंटेलिजेंस, रियल टाइम डेटा और क्वांटम कम्युनिकेशन के क्षेत्र में शोध, प्रशिक्षण, मानव संसाधन और कौशल विकास को बढ़ावा देने की योजना बना रही है।

सन्दर्भ:-
1.
https://www.youtube.com/watch?v=fyolWu-OQro
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Artificial_intelligence
3. https://www.techopedia.com/definition/190/artificial-intelligence-ai
4. https://www.drishtiias.com/hindi/printpdf/artificial-intelligence-in-india



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