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विभिन्न गुणों से भरपूर है, रामपुर में पाया जाने वाला सिरीस का वृक्ष

रामपुर

 27-01-2020 10:00 AM
पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

भारत में वानस्पति विविधिता पर यदि बात की जाए तो सालों निकल जायेंगे मात्र बात ही करने में। यहाँ पर जिस प्रकार की वानस्पतिक विविधिता है वह भारत को एक अत्यंत ही प्रभावशाली देश बनाता है। यहाँ पर प्राप्त पेड़ों में से एक है सीरीश का पेड़ है जिसे की औरत की जीभ भी कहा जाता है। इस पेड़ को भारत भर में अलग अलग नाम से बुलाया जाता है। यह पेड़ फैबासी परिवार (अल्बिजिया लेबेबेक) का सदस्य है जो कि करीब 15-30 मीटर तक ऊंचा और इसके तने का व्यास करीब 50 सेंटीमीटर से लेकर 300 सेंटीमीटर तक बढ़ता है।

इस पेड़ में द्विपदीय पत्तियां होती है जो आमतौर पर 7.5- 15 सेंटीमीटर की लम्बाई तक होती हैं। इस के अलावां इसके पत्तों के पास झुरमुठ में सफ़ेद फूल, और कई सारी नुकीली झाड़ी जैसा समूह निकला हुआ होता है। इस पेड़ का पुष्प अत्यंत ही सुगन्धित होता है जो आस पास के वातावरण को भी सुगन्धित कर देता है। इस वृक्ष में फलीदार फल लगते हैं जिनमे करीब 6-12 बीज होते हैं। इस पेड़ का प्रयोग ईधन, लकड़ी, दवा, चारा, पर्यावरण प्रबंधन आदि के लिए किया जाता है। यह पौधा काफ, फोड़े, फुंसी, फेफड़ों की समस्याओं, फ़्लू, और मसूड़े की सूजन के लिए किया जाता है। इसकी छाल का उपयोग सूजन और मछली के जहर के रूप में किया जाता है। हालांकि, छाल से प्राप्त लाल रंग त्वचा की जलन का कारण बनता है। नेत्र और अन्य नेत्र समस्याओं के इलाज के लिए पत्तियों और बीजों का औषधीय रूप से उपयोग किया जाता है। स्क्रोफुला (scrofula) के उपचार के लिए बीजों का पाउडर बनाया जाता है।

सिरीस के पेड़ का इस्तेमाल आमतौर पर कॉफी और कोको के बागानों के लिए छाया प्रदान करने के लिए भी किये जाते हैं। इसमें नाइट्रोजन युक्त पत्ते होते हैं जिनका उपयोग गीली घास और हरी खाद के रूप में किया जा सकता है। यह पेड़ एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण साधन होता है, मृदा अप्वार्दन रोकने का। यह पेड़ न्यू गिनी (new guinea), उत्तरी अमेरिका (North America) के उष्णकटीबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में व्यापक रूप से उगाया जाता है या पाया जाता है।

इसकी फली को सूखने के बाद खड़खड़ की आवाज आती है जिससे भी इसको कई नाम मिले हैं। वेस्टइंडीज (West Indies) और दक्षिण अमेरिका (South America) के कुछ हिस्सों में इस पेड़ को शाक-शाक पेड़ के रूप में भी जाना जाता है। यह पेड़ रामपुर और इसके आस पास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पाया जाता है। दवाई के गुणों वाला होने के कारण इस पेड़ का एक औषधीय महत्व भी है जिस कारण से इस पेड़ को एक सम्मान के रूप में देखा जाता है। शिरीष या सीरिश नाम भारत में एक प्रचलित नाम है जो कहीं ना कहीं से इस पेड़ से भी जुड़ा हुआ हो सकता है।

सन्दर्भ:-
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Albizia_lebbeck
2. https://pfaf.org/user/Plant.aspx?LatinName=Albizia+lebbeck
3. https://bit.ly/2GpK6KT
4. https://www.grow-trees.com/trees.php?tree_id=126&tree_name=-siris--shirish



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