Machine Translator

मानव डीएनए (DNA) के अनुक्रमों की मैपिंग (mapping) में सहायक है मानव जीनोम परियोजना

रामपुर

 06-01-2020 10:00 AM
डीएनए

विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास के साथ कई ऐसी तकनीकें और परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं जो किसी न किसी रूप में मानव को लाभ पहुंचाती है। मानव जीनोम परियोजना (Human Genome Project- HGP) भी इन्हीं परियोजनाओं में से एक है जो मानव हित के विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संचालित की गयी है। यह दुनिया की सबसे बड़ी सहयोगी जैविक परियोजना है जिसका सुझाव सबसे पहले अमेरिकी सरकार ने 1984 में दिया तथा 1990 में परियोजना को औपचारिक रूप से शुरू किया गया। 14 अप्रैल, 2003 को यह परियोजना पूर्ण रूप से घोषित की गई थी। यह एक अंतर्राष्ट्रीय, सहयोगी अनुसंधान कार्यक्रम था जिसका लक्ष्य मानव शरीर के सभी जीनों (gene) का पूर्ण रूप से मानचित्रण करना और उनकी कार्यिकी को समझना था।

जीन मानव शरीर की आनुवांशिक ईकाई हैं जिसका विशिष्ट क्रम हमारे विभिन्न लक्षणों जैसे कद, आंखों और बालों का रंग इत्यादि गुणों को निर्धारित करता है। जीन के सम्पूर्ण समूह को जीनोम कहा जाता है। इस परियोजना के मुख्य लक्ष्यों को पहली बार 1988 में यूएस नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (U.S. National Academy of Sciences) की एक विशेष समिति द्वारा व्यक्त किया गया था जिसे बाद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान और ऊर्जा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से लिखी गई पंचवर्षीय योजनाओं की एक विस्तृत श्रृंखला के माध्यम से अपनाया गया। इस परियोजना के लिए लागत का अनुमान 3 बिलियन डॉलर लगाया गया था। परियोजना के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने संयुक्त राज्य अमेरिका के अलावा, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, चीन इत्यादि देशों के आनुवंशिकीविदों को भी शामिल किया।

मानव जीनोम परियोजना का लक्ष्य मानव डीएनए (DNA) में पाये जाने वाले सभी जीनों के अनुक्रमों का पता लगना या मैपिंग करना तथा उनका निर्धारण करना है। यह मूल रूप से मानव अगुणित गुणसूत्र (जिसमें तीन बिलियन से भी अधिक जीन मौजूद हैं) में, निहित न्यूक्लियोटाइड (Nucleotide) को मैप करने का लक्ष्य रखता है। साथ ही इसका लक्ष्य मानव डीएनए का निर्माण करने वाले बेस (base) जोड़े का भी निर्धारण करना है। किसी भी व्यक्ति का जीनोम अद्वितीय होता है। मानव जीनोम की मैपिंग प्रक्रिया में कुछ व्यक्तियों के विशिष्ट न्यूक्लियोटाइड अनुक्रमों की आवश्यकता होती है और फिर इन सभी को मिलाकर प्रत्येक गुणसूत्र के लिए एक पूर्ण अनुक्रम प्राप्त किया जाता है। इस प्रकार प्राप्त मानव जीनोम एक मोज़ेक (Mosaic genome) जीनोम होता है जो किसी एक व्यक्ति के जीनों का प्रतिनिधित्व नहीं करता।

मानव जीनोम परियोजना ने खुलासा किया है कि मानव शरीर में लगभग 20,500 मानव जीन हैं। मानव जीनोम परियोजना ने दुनिया को मानव जीन के पूर्ण सेट की संरचना, संगठन और कार्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी है। इस जानकारी को मनुष्य के विकास और कार्य के लिए अंतर्निहित निर्देशों के मूल सेट के रूप में उपयोग किया जा सकता है। यह परियोजना 2003 में पूरी हुई जिसमें कुल मिलाकर 2.7 बिलियन डॉलर का व्यय हुआ। लोगों में 99.9 प्रतिशत जीन समान होते हैं किंतु अंतिम 1 प्रतिशत का दसवां हिस्सा भिन्न है जोकि उन्हें औरों से अलग बनाता है। जैसे घुंघराले बाल, नीली आंखें, शारीरिक क्षमता, लम्बा या छोटा कद, कोई विशिष्ट प्रकार की बीमारी इत्यादि।

HGP के माध्यम से बनाए गए उपकरण जैविक अनुसंधान में बड़े पैमाने पर उपयोग किए जाने वाले कई अन्य जीवों जैसे चूहों, फल मक्खियों आदि के पूरे जीनोम को चिह्नित करने के प्रयासों को सूचित करना जारी रखते हैं। ये प्रयास एक-दूसरे का समर्थन करते हैं, क्योंकि अधिकांश जीवों में समान जीन होते हैं जिनकी कार्यिकी समान ही होती है। इस प्रकार एक आदर्श जीव में किसी जीन के अनुक्रम की पहचान करके मानव या किसी अन्य जीव में उपस्थित एक समरूप जीन की व्याख्या की जा सकती है।

मानव जीनोम परियोजना आण्विक चिकित्सा से लेकर मानव विकास के कई क्षेत्रों तक लाभ पहुंचाता है। मानव जीनोम परियोजना के तहत डीएनए की अनुक्रमण से कई बीमारियों का पता लगाया जा सकता है तथा उनके उपचार में भी सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए परियोजना के तहत उचित उपचार को निर्देशित करने के लिए विशिष्ट वायरस के जीनोटाइपिंग (genotyping) की जा सकती है। उन उत्परिवर्तनों की पहचान की जा सकती है जो कैंसर के विभिन्न रूपों से जुड़े हुए हैं। दवा के डिजाइन और उनके प्रभावों की अधिक सटीक भविष्यवाणी करने में सहायता मिल सकती है। फोरेंसिक प्रायोगिक विज्ञान में भी उन्नति की जा सकती है। जैव ईंधन और अन्य ऊर्जा अनुप्रयोग, कृषि, पशुपालन, बायोप्रोसेसिंग (bioprocessing), जैवविज्ञान आदि का विकास किया जा सकता है। इसके अलावा डीएनए आधारित उत्पादों से संबंधित जीनोमिक्स (genomics) अनुसंधान का व्यावसायिक विकास किया जा सकता है।

संदर्भ:
1.
https://qz.com/1315829/the-dna-of-all-the-animals-on-earth-will-be-recorded-in-an-enormous-new-genetics-project/
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Human_Genome_Project
3. https://www.genome.gov/human-genome-project/What
4. https://www.cnbc.com/2015/12/10/unlocking-my-genome-was-it-worth-it.html



RECENT POST

  • रचनात्मक और आधुनिक सिनेमा का भी जन्मदाता है, फ्रांस (France)
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     19-01-2020 10:00 AM


  • कौन सा रक्त समूह करता है, मच्छरों को सबसे अधिक आकर्षित?
    तितलियाँ व कीड़े

     18-01-2020 10:00 AM


  • क्या है इस्लाम में तकवा का महत्त्व?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-01-2020 10:00 AM


  • करियर के लिए अच्छा विकल्प है भारतीय सशस्त्र सेना
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     16-01-2020 10:00 AM


  • किस तरह भिन्न हैं उत्तरायण और मकर संक्रांति ?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     15-01-2020 10:00 AM


  • क्या आधुनिक पक्षी हैं डायनासोर के वंशज
    पंछीयाँ

     14-01-2020 10:00 AM


  • कितनी है ब्रह्मांड में मौजूद तारों की संख्या
    शुरुआतः 4 अरब ईसापूर्व से 0.2 करोड ईसापूर्व तक

     13-01-2020 10:00 AM


  • क्या है, अलग-अलग धर्मों में मण्डल (Mandala) का महत्व?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     12-01-2020 10:00 AM


  • क्यों दहक रहे हैं विश्व भर में जंगल
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     11-01-2020 10:00 AM


  • विभिन्न देशों में भिन्न-भिन्न हैं कार्य भुगतान और कार्य दिवस प्रणालियां
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     10-01-2020 10:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.