Machine Translator

रामपुर पर आधारित पुस्तकों में है पुरानी यादों की एक अभिन्न भूमिका

रामपुर

 06-09-2019 12:16 PM
ध्वनि 2- भाषायें

रामपुर के इतिहास पर कई पुस्तकें लिखी गई हैं, जिनमें अधिकतम पुस्तकों में लेखकों द्वारा रामपुर के इतिहास से जुड़ी अपनी पुरानी यादों को व्यक्त किया गया है। जिसका स्पष्ट उदाहरण सैय्यद अघर अली शादानी द्वारा लिखित "द टाइम्स ऑफ द रामपुर स्टेट: हिस्टोरिकल एंड सोशल बैकग्राउंड” (The Times of the Rampur State: Historical and Social Background) या “अहवल-ए रियासत-ए रामपुर : तारीखी व मु आशरती पास-मंज़र” में भी देखा जा सकता है।

अंजुमन-ए तंज़ीम-ए अहबाब-ए रामपुर (एसोसिएशन ऑफ़ फ्रेंड्स ऑफ़ रामपुर/ Association of friends of Rampur) के अध्यक्ष मुहम्मद ज़ाकिर अली खान द्वारा यह बताया गया है कि सैय्यद अघर अली शादानी का जन्म 1923 में हुआ था और उनका पालन-पोषण रामपुर में ही हुआ था।

परंतु विभाजन के बाद वे पाकिस्तान चले गए। वहां भी वे रामपुर से भावनात्मक रूप से जुड़े रहे और 1986 में, उन्होंने रामपुर के इतिहास के बारे में पुस्तक लिखी, जो उनके मरणोपरांत, 2006 में प्रकाशित हुई। सैय्यद अघर अली शादानी ने न केवल शासकों और कुलीनों, बल्कि रामपुरी आवाम और उनके रोज़मर्रा के जीवन के इतिहास की वैधता पर ज़ोर दिया। लेखक द्वारा रामपुर के इतिहास का विस्तार से वर्णन किया गया है, जिसमें उन्होंने नवाब रज़ा अली खान द्वारा निभाई गई भूमिका को भी शामिल किया है। उन्होंने मुख्यतः शासक वर्ग से परे सामाजिक इतिहास में अपनी रुचि बनाई हुई थी। इसके अलावा, उन्होंने रामपुर के उन लोगों (जो रामपुर के निवासी भी नहीं थे) को शामिल करके स्थानीयता के अर्थ का विस्तार किया, जिन्होंने रामपुर की संस्कृति और इतिहास में योगदान दिया है।

वहीं यह पुस्तक साझा भावनाओं के स्थानीय इतिहास की एक अवधारणा पर आधारित है, जिसमें रामपुर के भावनात्मक भूगोल और भावनात्मक समुदाय को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है, जो सीमाओं से तो विभाजित हो सकता है लेकिन भावनाओं के माध्यम से कभी नहीं। ऐसा लेखक के लेख में भी देखा जा सकता है, जो स्वयं रामपुर के विभाजन के बाद भी कराची में रामपुर का इतिहास लिखते रहते थे।

अनुस्मरण और पुरानी यादों पर आधारित स्थानीय इतिहास लेखन की ऐसी परियोजनाओं को इतिहास के तथ्यों के साथ सामंजस्य स्थापित करना होता है। इतिहास और उदासीन स्मृति के बीच संबंध तिने सरल नहीं होते हैं। जहाँ पहले पुरानी यादें एक नकारात्मक रूप में देखी जाती थीं, वहीं अब ये प्यार और खुशी की सकारात्मक भावनाओं से जुड़ी हुई हैं।

इस पुष्तक के कुछ अंश पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

संदर्भ:
1.
https://bit.ly/2KGCPYT
2. https://bottledworder.com/2013/11/26/writing-and-nostalgia/



RECENT POST

  • पौधों की विलुप्त प्रजाति को संरक्षित करने में सहायक है क्लोनिंग (Cloning) प्रक्रिया
    कोशिका के आधार पर

     11-11-2019 12:56 PM


  • पश्चिम की कला में प्रतिभाशाली डच और फ्लेमिश कलाकार
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     10-11-2019 09:28 AM


  • क्या है 'अल इसरा' और 'शब-ए-मेराज'
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-11-2019 11:45 AM


  • ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस कंपनियों की क्षमता को सीमित करती है विदेशी निवेश नीति
    संचार एवं संचार यन्त्र

     08-11-2019 11:34 AM


  • देश और दुनिया में वायु प्रदूषण की स्थिति है चिंता जनक
    जलवायु व ऋतु

     07-11-2019 12:02 PM


  • कितना बजट आवंटित किया जाता है, भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     06-11-2019 01:16 PM


  • भूकंप के समय कुछ सावधानियों से बच सकती हैं जान
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     05-11-2019 11:51 AM


  • पौष्टिक तत्वों से भरपूर है झींगुर (Crickets)
    तितलियाँ व कीड़े

     04-11-2019 12:48 PM


  • दिमागी पहेली पर आधारित फिल्म का स्पूफ व्यंग्य चलचित्र
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     03-11-2019 10:00 AM


  • क्या एक समान वेतन होगा लाभदायक
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     02-11-2019 11:52 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.