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अगस्त 1942 को गोवालिया टैंक मैदान में ध्वजारोहण के बाद की अनदेखी छवियाँ

रामपुर

 15-08-2019 08:16 AM
उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

आज 15 अगस्त को हम अपना 73वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। भारत में 1947 से 15 अगस्त की तारीख भारतीय इतिहास में एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन बन गया है। यह वर्ष 1947 का सबसे भाग्यशाली दिन था, जब भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के कठिन संघर्ष और बलिदान के बाद भारत स्वतंत्र हुआ। हमने कड़े संघर्ष के बाद आजादी हासिल की, जो कि वर्षो के निरंतर प्रयासों का परिणाम था, जिसकी मुख्य नीव वर्ष 1942 में रखी गई थी। आज इस शुभ अवसर पर प्रारंग उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है, और अगस्त 1942 को गोवालिया टैंक मैदान में ध्वजारोहण के बाद की अनदेखी छवियाँ प्रस्तुत कर रहा है।

9 अगस्त, 1942 को बॉम्बे के गोवालिया टैंक मैदान में इकट्ठा हुए लोगों पर आंसू गैस का उपयोग करके उनकी इच्छाशक्ति को तोड़ने का विफल प्रयास करने के बाद पुलिस ने लाठियां और रिवाल्वर का सहारा लिया।

स्वयंसेवकों को उनकी गर्दन से पकड़कर, जमीन पर गिराया गया और पैरों से मारा गया

हर स्वयंसेवक को शारीरिक रूप से पकड़ने के बाद पुलिस ध्वज-चौकी तक पहुँच गई।

आंसू गैस और बल के साथ निहत्थे स्वयंसेवकों से निपटने के बाद, पुलिस अधिकारियों ने झंडे को नीचे उतार दिया।

उस मैदान में सफेद टोपी में हर व्यक्ति खतरे में था, लेकिन स्वयंसेवकों ने दृढ़ता से गिरफ्तार होने से मना कर दिया और अनशन पर बैठ गए।

1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन से जुड़ीं और अनदेखी तस्वीरों के लिए नीचे दिए गए लिंकों पर क्लिक करें।

1.https://lucknow.prarang.in/posts/3235/Some-rare-images-from-the-Quit-India-movement-of-August-1942

2.https://jaunpur.prarang.in/posts/3234/-Unseen-pictures-of-tear-gas-used-on-people-at-Gowalia-Tank-Ground-in-August-1942

3.https://meerut.prarang.in/posts/3236/photos-of-incidents-at-Gowalia-Tank-Ground-after-the-arrest-of-Mahatma-Gandhi-ji



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