Machine Translator

भारत की महत्वपूर्ण वैज्ञानिक हस्तियां

रामपुर

 11-08-2019 12:14 PM
सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

1. भारत ही नही सम्पूर्ण एशिया में भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में नोबल पुरुस्कार प्राप्त करने वाले प्रथम भारतीय चंद्रशेखर वेंकटरमन (C.V. Raman) ही थे जिन्हें प्रकाश संबधी खोज के लिए इस पुरुस्कार से नवाजा गया था | रमन प्रभाव या रमन इफेक्ट के नाम से प्राप्त नोबेल पुरुस्कार ने प्रकाश संकीर्णन संबधी अद्भुत खोज से विश्व को चमत्कृत सा कर दिया था | सिमित साधनों के बीच रहकर इस भारतीय ने वैज्ञानिक पीढ़ी को नई दिशा दी |

2. होमी जहांगीर भाभा भारत के एक प्रमुख वैज्ञानिक और स्वप्नदृष्टा थे जिन्होंने भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की कल्पना की थी। उन्होने मुट्ठी भर वैज्ञानिकों की सहायता से मार्च 1944 में नाभिकीय उर्जा पर अनुसन्धान आरम्भ किया। उन्होंने नाभिकीय विज्ञान में तब कार्य आरम्भ किया जब अविछिन्न शृंखला अभिक्रिया का ज्ञान नहीं के बराबर था और नाभिकीय उर्जा से विद्युत उत्पादन की कल्पना को कोई मानने को तैयार नहीं था। उन्हें 'आर्किटेक्ट ऑफ इंडियन एटॉमिक एनर्जी प्रोग्राम' भी कहा जाता है।

3. श्रीनिवास रामानुजन् इयंगर एक महान भारतीय गणितज्ञ थे। इन्हें आधुनिक काल के महानतम गणित विचारकों में गिना जाता है। इन्हें गणित में कोई विशेष प्रशिक्षण नहीं मिला, फिर भी इन्होंने विश्लेषण एवं संख्या सिद्धांत के क्षेत्रों में गहन योगदान दिए। इन्होंने अपने प्रतिभा और लगन से न केवल गणित के क्षेत्र में अद्भुत अविष्कार किए वरन भारत को अतुलनीय गौरव भी प्रदान किया।

4. सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर खगोल भौतिक शास्त्री थे और सन् 1983 में भौतिक शास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता भी थे। उनकी शिक्षा चेन्नई के प्रेसीडेंसी कॉलेज में हुई। वह नोबेल पुरस्कार विजेता सर सी. वी. रमन के भतीजे थे। बाद में डा. चंद्रशेखर अमेरिका चले गए। जहाँ उन्होंने खगोल भौतिक शास्त्र तथा सौरमंडल से संबधित विषयों पर अनेक पुस्तकें लिखीं।

5. डॉ॰ (सर) जगदीश चन्द्र बसु भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे जिन्हें भौतिकी, जीवविज्ञान, वनस्पतिविज्ञान तथा पुरातत्व का गहरा ज्ञान था। वे पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने रेडियो और सूक्ष्म तरंगों की प्रकाशिकी पर कार्य किया। वनस्पति विज्ञान में उन्होनें कई महत्त्वपूर्ण खोजें की। साथ ही वे भारत के पहले वैज्ञानिक शोधकर्त्ता थे। वे भारत के पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने एक अमरीकन पेटेंट प्राप्त किया। उन्हें रेडियो विज्ञान का पिता माना जाता है। वे विज्ञानकथाएँ भी लिखते थे और उन्हें बंगाली विज्ञानकथा-साहित्य का पिता भी माना जाता है।

6. विक्रम अंबालाल साराभाई भारत के प्रमुख वैज्ञानिक थे। इन्होंने 86 वैज्ञानिक शोध पत्र लिखे एवं 40 संस्थान खोले। इनको विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में सन 1966 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। डॉ॰ विक्रम साराभाई के नाम को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम से अलग नहीं किया जा सकता। यह जगप्रसिद्ध है कि वह विक्रम साराभाई ही थे जिन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत को अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थान दिलाया। लेकिन इसके साथ-साथ उन्होंने अन्य क्षेत्रों जैसे वस्त्र, भेषज, आणविक ऊर्जा, इलेक्ट्रानिक्स और अन्य अनेक क्षेत्रों में भी बराबर का योगदान किया।

7. सालिम मुईनुद्दीन अब्दुल अली एक भारतीय पक्षी विज्ञानी और प्रकृतिवादी थे। उन्हें "भारत के बर्डमैन" के रूप में जाना जाता है, सालिम अली भारत के ऐसे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने भारत भर में व्यवस्थित रूप से पक्षी सर्वेक्षण का आयोजन किया और पक्षियों पर लिखी उनकी किताबों ने भारत में पक्षी-विज्ञान के विकास में काफी मदद की है। 1976 में भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से उन्हें सम्मानित किया गया। 1947 के बाद वे बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के प्रमुख व्यक्ति बने और संस्था की खातिर सरकारी सहायता के लिए उन्होंने अपने प्रभावित किया और भरतपुर पक्षी अभयारण्य (केवलादेव नेशनल पार्क) के निर्माण और एक बाँध परियोजना को रुकवाने पर उन्होंने काफी जोर दिया जो कि साइलेंट वेली नेशनल पार्क के लिए एक खतरा थी।

8. अबुल पाकिर जैनुलअब्दीन अब्दुल कलाम अथवा ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, जिन्हें मिसाइल मैन और जनता के राष्ट्रपति के नाम से जाना जाता है, भारतीय गणतंत्र के ग्यारहवें निर्वाचित राष्ट्रपति थे। वे भारत के पूर्व राष्ट्रपति, जानेमाने वैज्ञानिक और अभियंता (इंजीनियर) के रूप में विख्यात थे। अब्दुल कलाम के विचार आज भी युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
इन्होंने मुख्य रूप से एक वैज्ञानिक और विज्ञान के व्यवस्थापक के रूप में चार दशकों तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) संभाला व भारत के नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम और सैन्य मिसाइल के विकास के प्रयासों में भी शामिल रहे। इन्हें बैलेस्टिक मिसाइल और प्रक्षेपण यान प्रौद्योगिकी के विकास के कार्यों के लिए भारत में 'मिसाइल मैन' के रूप में जाना जाता है।

सन्दर्भ:-
https://www.youtube.com/watch?v=jXlsLwjxszk



RECENT POST

  • कौन सा रक्त समूह करता है, मच्छरों को सबसे अधिक आकर्षित?
    तितलियाँ व कीड़े

     18-01-2020 10:00 AM


  • क्या है इस्लाम में तकवा का महत्त्व?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-01-2020 10:00 AM


  • करियर के लिए अच्छा विकल्प है भारतीय सशस्त्र सेना
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     16-01-2020 10:00 AM


  • किस तरह भिन्न हैं उत्तरायण और मकर संक्रांति ?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     15-01-2020 10:00 AM


  • क्या आधुनिक पक्षी हैं डायनासोर के वंशज
    पंछीयाँ

     14-01-2020 10:00 AM


  • कितनी है ब्रह्मांड में मौजूद तारों की संख्या
    शुरुआतः 4 अरब ईसापूर्व से 0.2 करोड ईसापूर्व तक

     13-01-2020 10:00 AM


  • क्या है, अलग-अलग धर्मों में मण्डल (Mandala) का महत्व?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     12-01-2020 10:00 AM


  • क्यों दहक रहे हैं विश्व भर में जंगल
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     11-01-2020 10:00 AM


  • विभिन्न देशों में भिन्न-भिन्न हैं कार्य भुगतान और कार्य दिवस प्रणालियां
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     10-01-2020 10:00 AM


  • प्रत्येक वर्ष 9 जनवरी को मनाया जाता है प्रवासी भारतीय दिवस
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     09-01-2020 10:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.