घर पर भी कर सकते हैं स्नायुबलसंवर्द्धन (Muscle Building)

रामपुर

 31-07-2019 02:00 PM
य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

1. बाहुदंड – पहले जमीन पर घुटने टेककर बैठे। पैरों के पंजे जुटे हुए हों। घुटनों से एक हाथ, एक बीत्ता और चार अंगुल आगे दोनों हाथों के पंजे जमीन पर टिकाएं। दोनों हातहों के तलवों में एक फूट का अंतर रहे, कमर ऊपर नीचे ना हो और सारा शरीर आड़े डंडे के समान एक रेखा में सरल और सीधा रहे। इसी हालत में सारे शरीर को खूब धीरे धीरे हाथों पर ऊपर नीचे करें। सावकाशता और सरलता ही इस दंड का मुख्या रहस्य है। शरीर को नीचे ले जाते हुए छाती नीचे ना ले जायें और ऊपर उठते हुए भी छाती को पहले ऊपर ना करें। इस बाहुदंड से भुजाओं के स्नायु (Muscle) अत्यंत बलवान, पुष्ट, निर्दोष और घुमावदार बनते हैं।

2. भुजंगदंड – इस दंड में टिकाये हुए घुटनों से एक हाथ, एक बित्ता ही आगे दोनों हाथों के पंजे को जमीन पर टिकाएं। हाथों में अंतर पूर्ववत ही हो। पर पों के तलवे जमीन पर पूरे टिके हुए हों। इस दंड में कमर आप ही पहाड़ की चोटी की तरह ऊँची हो जाती है। फिर नीचे जाते हुए पहले छाती नीचे ले जाएँ और ऊपर उठते हुए सांप की तरह छाती ऊपर करके उठें और जहां तक हो सके, सीधे आकाश की ओर ताके।

3. कंधे उठाव – दोनों हाथ पीछे की ओर कमर पर बंधे रखकर, सामने से कमर से थोडा झुकें; अनंतर दोनों हाथों को (हाथों की पकड़ बिना छोड़े) एक साथ नेताम्ब के नीचे सीधे ले जायें। इससे कंधे आप ही ऊपर उठेंगे, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। इससे कंधों के स्नायु बहुत पुष्ट और सुडौल होते हैं।
गर्दन दायें – उपर्युक्त रीति से कंधे उठे होने की अवस्था में ही सिर को दायें और उसी प्रकार बायें घुमाना होता है।
गर्दन ऊपर और गर्दन नीचे – ऊपर की स्थिति में ही सिर को यथासंभव नीचे झुकाकर ठोड़ी को कंठकूप में लगाया जाता है और इस संकेत के साथ सिर ऊपर उठाकर यथासंभव पीछे की ओर ले जाएँ एसा करते में दृष्टि आकाश की ओर सीधे हो जानी चाहिए।

4. कमरतान बाहर-भीतर – दोनों पावों के मध्य एक हाथ का अंतर रखकर सीधा खड़े हों। अनंतर कमर से झुककर दोनों हाथों की उँगलियों से पैरों से जहाँ तक दूर आगे हो सके, जमीन पर टिकाएं। घुटनों को मुड़ने ना दें। पीछे दोनों हाथ पैरों के बीच जितना अन्दर ले जा सकें ले जाएँ और भूमि को स्पर्श करे। इससे कंधे, ऊरू, जंघा और बगलें विकाररहित होती हैं।

5. बैठक धीमे – दोनों पावों के बीच एक बित्ता अंतर रखकर, एडियों को उठाकर, सामने बिना झुके, बहुत धीरे धीरे नीचे जाएँ और जांघों पर ना बैठकर जंघा और ऊरू के मध्य एक या दो अंगुल का फासला रखे। अनंतर उठते हुए – घुटनों को मिलाकर तुरंत उठे और एडियों को भूमि पर टिकाएं। इस बैठक से ऊरू-प्रदेश का बहुत ही जल्दी और बहुत सुडौल गठन होता है।

6. आगे पाँव – छाती आगे की ओर करके सीधे खडा रहें और दायाँ पैर सावकाश ऊपर सम्कोंद बनाते हुए उठाएं। इसके तुरंत बाद दायाँ पैर नीचे करके बायाँ पैर ऊपर उठाएं।

7. पीछे पाँव – इसमें प्रत्येक पैर, एक के बाद दूसरा, पीच की और समकोण में उठाएं।

सन्दर्भ:-
1. जालन, घनश्यामदास 1882 कल्याण योगांक गोरखपुर,यु.पी.,भारत गीता प्रेस



RECENT POST

  • तीव्रता से विलुप्‍त होती भारतीय स्‍थानीय भाषाएं व् उस क्षेत्र से संबंधित ज्ञान का भण्‍डार
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-05-2022 02:11 AM


  • जलीय पारितंत्र को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, शार्क
    व्यवहारिक

     15-05-2022 03:26 PM


  • क्या भविष्य की पीढ़ी के लिए एक लुप्त प्रजाति बनकर रह जाएंगे टिमटिमाते जुगनू?
    तितलियाँ व कीड़े

     14-05-2022 10:07 AM


  • गर्मियों में रामपुर की कोसी नदी में तैरने से पूर्व बरती जानी चाहिए, सावधानियां
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     13-05-2022 09:35 AM


  • भारत में ऊर्जा खपत पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए नीति और संरचना में बदलाव
    जलवायु व ऋतु

     11-05-2022 09:05 PM


  • रामपुर के निकट कासगंज से जुड़ा द सेकेंड लांसर्स रेजिमेंट के गठनकर्ता विलियम गार्डन का इतिहास
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     11-05-2022 12:08 PM


  • कोविड 19 के उपचार हेतु लगाए जाने वाले एमआरएनए टीकों से उत्‍पन्‍न समस्‍या
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     10-05-2022 08:57 AM


  • भारत में दुनिया में सबसे अधिक एम.बी.ए डिग्री प्राप्तकर्ता हैं, लेकिन फिर भी कई हैं बेरोजगार
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     09-05-2022 08:51 AM


  • निवख समूह के लिए उनके पूर्वज और देवताओं दोनों को अभिव्यक्त करते हैं, भालू
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     08-05-2022 07:31 AM


  • रबिन्द्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित शांतिनिकेतन की तर्ज पर समझिये आदर्श शिक्षा की परिभाषा
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     07-05-2022 10:48 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id