Machine Translator

शिक्षा क्षेत्र में डाइट (DIET) दे रहा है मानक प्रशिक्षण

रामपुर

 01-07-2019 12:56 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मूलभूत अधिकार है और वास्तव में यह अत्यंत आवश्यक भी है क्योंकि शिक्षा के माध्यम से ही व्यक्ति का पूर्ण रूप से बौद्धिक और सामाजिक विकास सम्भव है। व्यक्तित्व के विकास के लिये शिक्षित होना बहुत ही आवश्यक है। इस क्षेत्र में विद्यालय और शिक्षक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। ये दोनों ही वह माध्यम हैं जो छात्रों को उचित दिशा प्रदान कर उसके व्यक्तित्व का विकास करते हैं। इसलिए इन दोनों को भी मज़बूत और बेहतर बनाये जाने की आवश्यकता होती है ताकि मानक प्रशिक्षण स्थापित किया जा सके।

जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डाइट-DIET) भी इस दिशा की ओर कार्यरत है। ये संस्थान जिला स्तर के शैक्षिक संस्थान हैं जिन्हें भारत सरकार द्वारा भारत के प्रत्येक जिले में स्थापित किया गया है। इनका कार्य जिला स्तर पर सरकारी नीतियों के समन्वय और कार्यान्वयन में मदद करना है। विद्यालय स्तर पर शैक्षिक पद्धति में नवाचारों को समायोजित करने के लिये लगभग 30 लाख प्राथमिक और सामान्य शिक्षकों को आवर्तक अभिविन्यास की आवश्यकता है और इसकी ज़िम्मेदारी डाइट ने ली है। इसका उद्देश्य जिले के शैक्षिक संस्थानों और विद्यालयों को मार्गदर्शन प्रदान करना है। यह शैक्षिक क्षेत्र में अनुसंधान और प्रयोगात्मक कार्य के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करता है।
इसके अंतर्गत आने वाले विभाग निम्नलिखित हैं:
• पूर्व-सेवा शिक्षक शिक्षा (PSTE)
• इन-सर्विस प्रोग्राम फ़ील्ड इंटरैक्शन, इनोवेशन एंड को-ऑर्डिनेशन (In-service program field interaction, innovation and co-ordination-IFIC)
• जिला संसाधन इकाई (DRU)
• योजना और प्रबंधन (P&M)
• शैक्षिक प्रौद्योगिकी (ET)
• कार्य अनुभव (WE)
• पाठ्यचर्या सामग्री विकास एवं मूल्यांकन (CMDE)
• प्रशासनिक शाखा

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के मुख्य उद्देश्य निम्न हैं:
• शिक्षा का अधिकार अधिनियम – 2009 का प्रभावी क्रियान्वयन।
• शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में NCERT, NUEPA, NCTE, SCERT, SIEMAT विश्वविद्यालयों तथा निजी संस्थाओं के साथ अंतःक्रिया।
• प्राथमिक तथा माध्यमिक स्तर की शैक्षिक संस्थाओं के शैक्षिक उन्नयन हेतु जिला संस्थान केंद्र के रूप में कार्य करना।
• संसाधनों का विकास करना, शिक्षा नवाचार और प्रयोगिक शिक्षा योजना के अन्तर्गत विस्तार सेवायें और अकादमिक सहायता प्रदान करना।
• जिला स्तर पर प्रशिक्षण प्रतियोगिता, कार्यशाला, सेमिनार (Seminar), सम्मेलन, और प्रदर्शनी का आयोजन करना।

संदर्भ:
1.https://en.wikipedia.org/wiki/District_Institute_of_Education_and_Training
2.http://www.preservearticles.com/education/district-institute-of-education-and-training-diet/18002
3. https://bit.ly/2KOJfb2



RECENT POST

  • क्या वास्तव में अपराध के विषय में देश के लिये आदर्श हैं रामपुर के गांव?
    व्यवहारिक

     19-07-2019 11:42 AM


  • क्या रामपुर की धरती के नीचे मौजूद हैं तारे?
    खनिज

     18-07-2019 12:10 PM


  • रामपुर के निकट स्थित अहिच्छत्र का इतिहास
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     17-07-2019 01:50 PM


  • दो ग्रीक दार्शनिक एवं उन पर भारत का प्रभाव
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-07-2019 03:12 PM


  • दिल्‍ली के होटलों में परोसे जाने वाले रामपुरी व्‍यंजन
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     15-07-2019 01:02 PM


  • मधुर और कर्णप्रिय सांध्य राग भीमपलासी
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     14-07-2019 09:00 AM


  • क्या है भाषा का दर्शन?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     13-07-2019 12:23 PM


  • रोहिलखण्ड और अवध रेलवे में भारत के प्रारम्भिक लोकोमोटिव इंजन
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     12-07-2019 01:08 PM


  • अमूल्य गुणों से भरपूर चंदन के पेड़ का संरक्षण है आवश्यक
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     11-07-2019 01:03 PM


  • संतुलित आहार का जीवन में महत्व
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     10-07-2019 01:19 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.