रामपुर में चिकनकारी के प्रकार एवं तकनीक

रामपुर

 29-06-2017 12:00 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति
उत्तर प्रदेश का विवरण चिकनकारी के बिना अधुरा है| लखनऊ की शान चिकनकारी का काम – चौक की पुरानी गलियों से ले कर हजरतगंज तक और गोमती नगर के नए बने बजारों तक, कबाब के साथ-साथ चिकनकारी भी हर जगह दिखाई देती है| छोटे बड़े दुकानों में चिकनकारी के कपडे यहाँ के बाजारों की शोभा बढ़ाते हैं। उजले कपड़ो पर उजले धागे के काम से शुरू हुआ चिकनकारी, लम्बे वर्षों से भारतीय हस्तकला का आकर्षक और महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा है| नूरजहाँ जब अपने पति जहाँगीर के लिए ईद के अवसर पर टोपी बना रहीं थी तो उसपर धागे की कढ़ाई करते हुए उन्हें यह विचार आया की ऐसा ही काम कपड़ों पर भी किया जा सकता है, और जल्द ही चिकनकारी के काम ने एक बड़ी ऊंचाई प्राप्त की। एक समय था जब चिकनकारी केवल मर्दों का कार्य था, लेकिन 19 वीं सदी में चिकनकारी के काम में काफी गिरावट आई और यह कार्य औरतों ने भी करना शुरू कर दिया| इसका परिणाम यह निकला की आज मर्दों से ज्यादा औरतें चिकनकारी की कारीगरी करती हैं और माहिर हैं। बीते सालों में चिकनकारी के काम में काफी बदलाव आया है। कढ़ाई करने के लिए ठप्पों के जरिए रचनायें बनाई जाती हैं और उसपर अलग-अलग तरह की कढ़ाई की जाती है (पहले चित्र में इसके कुछ प्रकार देखे)| चिकनकारी की कढ़ाई अलग अलग प्रकार की होती है, जो की रचनाओं और कपड़ों के प्रकार पर निर्भर करती है| वैसे तो यह काफी प्रकार की होती है, लेकिन इनको 2 भागों में बाटा जा सकता है – पहला समतल / चपटा होता है और दूसरा उभरा हुआ| कारीगरों के हिसाब से चिकनकारी के लगभग 132 तरह के टांके होते है| आज के समय में चिकनकारी का काम अत्यंत प्रसिद्ध हो गया है| यह ना ही कपड़ों की खूबसूरती में चार चाँद लगाता है बल्कि औरतों को रोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता भी प्रदान करता है| कपड़ों के विपरीत रंग के धागे से चिकनकारी का काम और ऐप्लीक के काम से चिकनकारी में काफी विविधिताएँ आई हैं| 1. तानाबाना- टेक्सटाइल्स ऑफ़ इंडिया, मिनिस्ट्री ऑफ़ टेक्सटाइल्स, भारत सरकार 2. आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स ऑफ़ इंडिया – इले कूपर , जॉन गिल्लो 3. हेंडीक्राफ्ट ऑफ़ इंडिया – कमलादेवी चट्टोपाध्याय 4. टेक्सटाइल ट्रेल इन उत्तर प्रदेश (ट्रेवल गाइड) – उत्तर प्रदेश टूरिज्म

RECENT POST

  • रामपुर की ऐतिहासिक इमारतों की गाथा को बयां करती कुछ तस्वीरे
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     18-02-2019 10:49 AM


  • क्या इत्र में इस्तेमाल होता है व्हेल से निकला हुआ घोल
    मछलियाँ व उभयचर

     17-02-2019 10:00 AM


  • शिक्षा को सिद्धान्‍तों से ऊपर होना चाहिए
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-02-2019 11:47 AM


  • ये व्यंजन दिखने में मांसाहारी भोजन जैसे लगते तो है परंतु हैं शाकाहारी भोजन
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     15-02-2019 11:39 AM


  • प्यार और आज़ादी के बीच शाब्दिक सम्बन्ध
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-02-2019 01:20 PM


  • चावल के पकवानों से समृद्ध विरासत का धनी- रामपुर
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     13-02-2019 03:18 PM


  • भारत में बढ़ती हॉकी के प्रति उदासीनता
    हथियार व खिलौने

     12-02-2019 04:22 PM


  • संगीत जगत में राग छायानट की अद्‌भुत भूमिका
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     11-02-2019 04:21 PM


  • देखे विभिन्न रंग-बिरंगे फूलों की खिलने की पूर्ण प्रक्रिया
    बागवानी के पौधे (बागान)

     10-02-2019 12:22 PM


  • एक पक्षी जिसका निशाना कभी नहीं चूकता- किलकिला
    पंछीयाँ

     09-02-2019 10:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.