थाईलैंड में भारतीय संस्कृति की भूमिका

रामपुर

 14-11-2018 12:50 PM
धर्म का उदयः 600 ईसापूर्व से 300 ईस्वी तक

भारत और थाईलैंड का रिश्ता हज़ारों वर्षों से अधिक समय तक रहा है, और इससे थाई पर्यावरण में हिंदू संस्कृति का रूपांतर देखने को मिलता है। भारतीय संस्कृति ने धर्म, समारोह, भाषा, साहित्य, नृत्य और भोजन समेत थाईलैंड के कई पहलुओं को प्रभावित करने में एक अभिन्न भूमिका निभाई है।

भारत का थाईलैंड के लिए सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक योगदान बौद्ध धर्म का रहा है। बौद्ध धर्म थाईलैंड में तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान राजा अशोक द्वारा भेजे गए बौद्ध भिक्षुओं द्वारा फैलाया गया और थाईलैंड ने इसे अपने राज्य धर्म के रूप में अपनाया और तब से बौद्ध धर्म ने थाई लोगों के दिल और दिमाग पर शासन किया है। थाईलैंड में व्यापार के उद्देश्य से आने वाले भारतीय व्यापारियों या ब्राह्मणों ने स्‍याम (थाईलैंड का प्राचीन नाम) के दरबारों में ज्योतिष विद्या और समारोह का आयोजन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने हिंदू मान्यताओं और परंपराओं को स्‍याम के लोगों के समक्ष लोकप्रिय बना दिया।

थाई के साहित्य और नाटक भारतीय कला और किंवदंतीयों से अत्‍यंत प्रभावित हैं। जैसे, हिंदु महाकाव्य रामायण थाईलैंड में भी उतनी ही लोकप्रिय है, जितनी यह भारत में है। थाईलैंड में प्रसिद्ध ‘रामाकिएन’ वहाँ का राष्ट्रीय ग्रंथ है। इतना ही नहीं थाईलैंड की पुरानी राजधानी अयुथ्या का नाम भी भारतीय आदर्श प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या के आधार पर ही रखा गया था। अयुथ्या की स्थापना राजा यूथोंग द्वारा 1351 में की गयी थी। ऐसा माना जाता है कि राजा यूथोंग (Uthong) लोगों को चेचक के प्रकोप से बचाने के लिए लोप बुरी (Lop Buri) गए थे, और तब उन्होंने अयुथ्या को अपने राज्य की राजधानी घोषित कर दिया था। ऊपर प्रस्तुत किया गया चित्र राजा यूथोंग द्वारा बसाये गए अयुथ्या का ही है।

थाईलैंड के बैंकॉक में स्थित शाही मंदिर में रामायण के आकर्षक चित्रण शामिल हैं। साथ ही वहाँ पर दशहरा का त्यौहार भी काफी हर्षोल्‍लास के साथ मनाया जाता है। हिंदुओं की तरह थाई में भी विष्णु या नारायण (फ्रा नाराय (Phra Narai)), और महादेव या शिव में विश्वास रखते हैं और असुरों (असुंस (asuns)) को देवों का दुश्‍मन मानकर नापसंद करते हैं।

वहीं जहां आज भारत के अयोध्या में राम मंदिर का मुद्दा अभी भी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, वहीं अयुथ्या में एक भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। 8 अगस्त 2018 में भूमि पूजन करने के बाद अयुथ्या में राम मंदिर के निर्माण की शुरुआत कर दी गई। मंदिर का निर्माण चाओ फ्रया (Chao Phraya) नदी के किनारे हो रहा है, जो नदी बैंकॉक के बिल्कुल बीच से होकर गुज़रती है। मंदिर के ट्रस्ट (Trust) का कहना है कि थाईलैंड में राम मंदिर का निर्माण इस आशा से किया जा रहा है कि भारत में अयोध्या में राम मंदिर का भी जल्द ही निर्माण होगा।

संदर्भ:
1.https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.147645/page/n121
2.https://en.wikipedia.org/wiki/Ayutthaya_Kingdom
3.https://en.wikipedia.org/wiki/Phra_Nakhon_Si_Ayutthaya_(city)
4.https://www.indiatimes.com/news/india/thiland-is-building-a-grand-ram-temple-with-a-hope-that-ayodhya-temple-will-also-be-built-soon-350891.html



RECENT POST

  • क्या है कैंसर ? उससे जुड़े मिथक एवं तथ्य !
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     25-04-2019 07:00 AM


  • क्या सच में होते थे जादुई घोड़े या ये बस एक काल्पनिक जीव है?
    शारीरिक

     24-04-2019 07:52 PM


  • अनाथ बच्चों के दर को नियंत्रित करने हेतु उनको गोद लेना है एक अच्छा उपाय
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     23-04-2019 09:49 AM


  • लेडी एलिस रीडिंग द्वारा रामपुर के जनाने, बेगम और नवाब पर कुछ दिलचस्प टिप्पणियां
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     22-04-2019 09:00 AM


  • यीशु के बलिदान को नमन
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     21-04-2019 07:10 AM


  • रामपुर में एक क्रेन की मदद से बनारस के महाराज करते थें गाय का दर्शन
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     20-04-2019 09:00 AM


  • मैकडॉनल्ड्स के फिले-ओ-फिश (Filet-O-Fish) सैंडविच की रोचक कहानी
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-04-2019 10:17 AM


  • जैन धर्म के दो समुदाय – दिगंबर और श्वेताम्बर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     18-04-2019 12:05 PM


  • रोहिलखंड में कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी की भूमिका
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     17-04-2019 01:19 PM


  • रामपुर में लगी थी पहली विद्युतीय लिफ्ट (lift)
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     16-04-2019 04:23 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.