Machine Translator

कैलेंडर और ताश के 52 पत्तों में है एक अनोखा सम्बन्ध

रामपुर

 25-10-2018 12:28 PM
हथियार व खिलौने

ताश का खेल जिस देश भी पहुंचा, बस उसी देश के रंग में ढल गया। यह हमेशा से भारतीय संस्कृति का हिस्सा रहा है। दिवाली पर तो अधिकतर घर में रम्मी, पोकर और तीन पत्ती खेलना तो मानो एक प्रथा बन गयी है। आप में से अधिकांश लोगों ने ताश के पत्तों से लोगों को खेलते हुए तो जरूर देखा होगा। संभव है कि आपने भी इस खेल को खेला हो, परंतु क्या आप जानते हैं कि प्रत्येक कार्ड के अंदर ज्योतिषीय पहलू भी जुड़े होते हैं। क्या आपने कभी उन प्रतीकों के बारे में सोचा है जो कार्ड पर बने होते हैं, आखिरकार उनका महत्व क्या है? एक ताश की गड्डी में 4 सूट (Suit) का ही उपयोग क्यों होता है? यदि आप इन रहस्यमयी तथ्यों से अनजान हैं तो आइये चलिये जानते हैं कि किस प्रकार ताश की गड्डी के 52 कार्ड हमारे जीवन से जुड़े हैं और कैसे ये हमारे कैलेंडर (Calendar) का प्रतिनिधित्व करते हैं।

हम सभी को विदित है कि 1 साल के अंदर 52 सप्ताह होते हैं और 4 ऋतुएं होती हैं। इसी आधार पर ताश के 52 पत्ते 52 सप्ताह का प्रतिनिधित्व करते हैं।

4 सूट्स: चिड़ी (♣), ईंट (♦), पान (♥) और हुकुम (♠) = 4 ऋतु (गर्मी, पतझड़, वसंत, सर्दी) प्रत्येक सूट में 13 कार्ड्स = चंद्रमा की 13 कलाएं

गड्डी में 52 कार्ड = साल में सप्ताह (364/7)

जब हम गड्डी के प्रत्येक कार्ड पर अंकित चिह्नों का योग करते हैं तो हमें 364 का आंकड़ा प्राप्त होता है। परंतु जब हम इनके साथ जोकर के 1.25 के मान को जोड़ते हैं तो हमें सभी चिह्नों का योग 365.25 के बराबर मिलता है। जो वास्तव में हमारे कैलेंडर में एक वर्ष के दिनों की संख्या होती है। इतना ही नहीं, इसमें एक से दस तक के कार्डों पर अंकित नंबर भी किसी ना किसी संकेत का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसकी सूची निम्नवत है:

इक्का = इच्छा
दुक्की = एकता
तिक्की = विश्वास
चौका = संतुष्टि
पंजा = बदलाव
छग्गी = समन्वय
सत्ता = विजय
अट्ठा = शक्ति
नहला = नई शुरुआत
दहला = सफलता

ताश के पत्तों के बारे में कई कहानियां प्रचलित हैं। भारत में पहले ज्योतिष ताश के पत्तों से लोगों का भविष्य बताते थे और आज भी बता रहे हैं। ताश से कई तरह के जादू भी किये जाते हैं। लगभग हर जादूगर को ताश की एक न एक ट्रिक तो जरूर ही आती है। एक अनुमान के अनुसार 70% जादू की ट्रिक ताश के साथ की जाती है। ज़रा सोचिये यदि ये ताश के पत्ते ना होते तो इन जादूगरों का क्या होता। जादूगरों में प्रसिद्ध मार्को टेम्पेस्ट ने भी अपने ताश के जादू के माध्यम से लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। उनकी विषेशता यह है कि वे एक जादुई कहानी (अग्युमेंटेड रेआलिटी/Augmented Reality तकनीक के साथ) के माध्यम से समा बांध देते है।

मार्को टेम्पेस्ट अपने कार्ड के जादू की ट्रिक में एक कहानी बताते हैं जिसे सतत पंचांग (Perpetual Almanac) या सैनिक की प्रार्थना पुस्तक (Soldier’s Prayer Book) नाम से भी जाना जाता है। यह एक गरीब सैनिक के बारे में है जो चर्च में ताश की एक गड्डी के साथ खेलता हुआ पकड़ा जाता है। बाद में वो अपने बचाव में बताता है कि ये गड्डी न केवल एक बाइबिल है बल्कि एक पंचांग भी है। वो बताता है कि जब वो कार्ड पर अंकित बिंदुओं का योग करता है तो उसे 365 प्राप्त होता है, जो कि वर्ष के दिनों की संख्या है और पैक में 52 पत्ते 1 साल में 52 सप्ताहों की संख्या है। उसका मानना था कि ये हमारे कैलेंडर की धारणा से संबंधित हो सकता है।

इन ताश के पत्तों का शैक्षणिक महत्त्व भी कम नहीं है। ताश के पत्तों में कुछ ऐतिहासिक व्यक्तित्व अंकित हैं:

पान के बादशाह हैं - शारलेमेन (फ्रांस का राजा)
चिड़ी के बादशाह हैं - अलेक्जेंडर (मेसेडोनिया का राजा)
हुकुम के बादशाह हैं - डेविड (इज़राइल का राजा)
ईंट के बादशाह हैं - अगस्तस (रोमन सीज़र)

इस प्रकार ये ताश के पत्ते जहाँ एक ओर मनोरंजन का साधन हैं, वहीं दूसरी ओर ये इतिहास के प्रसिद्ध पुरुषों के परिचायक भी हैं।

संदर्भ:

1. http://www.funtrivia.com/askft/Question20270.html
2. https://blog.ted.com/marco-tempest-tells-the-secret-story-of-a-deck-of-cards/
3. https://www.adda52.com/blog/card-suits-and-symbolism
4. https://h2g2.com/edited_entry/A597882



RECENT POST

  • रुडयार्ड किपलिंग की कविता में रोहिल्ला युद्ध का वर्णन
    ध्वनि 2- भाषायें

     20-06-2019 11:36 AM


  • टी-शर्ट का इतिहास
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     19-06-2019 11:15 AM


  • पाकिस्‍तान में अभी भी जीवित हस्‍त कशीदाकारी
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     18-06-2019 11:10 AM


  • क्‍या है लाल मांस और सफेद मांस के मध्‍य भेद?
    शारीरिक

     17-06-2019 11:13 AM


  • एक पिता का अंतिम सम्मोहन
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-06-2019 10:30 AM


  • दोषों की विषमता ही रोग है और दोषों का साम्य आरोग्य
    व्यवहारिक

     15-06-2019 11:01 AM


  • खेतिहर ग्रामीणों के शोषण और संघर्ष को दर्शाती पुस्तक एवरीबडी लव्स अ गुड ड्रौट
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-06-2019 11:06 AM


  • रामपुर का ऐतिहासिक रामपुर क्लब, इसका पतन,एवं रामपुर के अन्य क्लब
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-06-2019 10:44 AM


  • प्रगतिशील कलाकारों के योगदान से हुआ था आधुनिक कला का जन्म
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     12-06-2019 12:04 PM


  • हर एक मस्जिद में मिलेंगे आपको ये ख़ास अंग
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     11-06-2019 11:14 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.