Machine Translator

समाज को चुनौती देती प्रेमचंद की निर्मला

रामपुर

 20-09-2018 01:38 PM
द्रिश्य 2- अभिनय कला

लेखन एक ऐसी कला है जिसका समाज के ऊपर एक गहरा प्रभाव होता है और हमारे समाज में ऐसे कई महान लेखक हुए हैं, जिनकी लेखन शक्ति द्वारा समाज की सोच सकारात्मक दिशा में ले जाई गयी है। ऐसे महानतम महान लेखकों में मुंशी प्रेमचन्द (1880- 1936) का भी नाम आता है, जिनके साहित्य और उपन्यास में योगदान को देखते इन्हें ‘उपन्यास सम्राट’ भी कहा जाता है।

प्रेमचन्द का वास्तविक नाम धनपतराय श्रीवास्तव था लेकिन इन्हें मुंशी प्रेमचन्द और नवाब राय के नाम से ज्यादा जाना जाता है। प्रेमचन्द ने अपना पूरा जीवन लेखन के प्रति समर्पित कर दिया था। प्रेमचन्द के उपन्यास इतने प्रसिद्ध हुए कि उनके प्रसिद्ध उपन्यास, जैसे: गोदान, कर्मभूमि, गबन, रंगभूमि पर हिंदी फ़िल्में भी बन चुकी हैं। वहीं उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘निर्मला’ को अक्टूबर 2004 में दूरदर्शन पर प्रसिद्ध निर्देशक गुलज़ार द्वारा अनुकूलित कर अपनी टी.वी. सीरियल (T.V. Serial) पर प्रसारित किया गया।

यह सीरियल और उपन्यास एक 15 साल की लड़की के संघर्ष और दहेज प्रथा के दुष्प्रभाव और पूर्व स्वतंत्र भारत में महिलाओं द्वारा सहे जाने वाले कष्टों को दर्शाता है। इसकी कहानी कुछ इस प्रकार है:

निर्मला की 15 साल की उम्र में भुवन मोहन सिन्हा से शादी तय कर दी गयी, किन्तु तभी निर्मला के पिता उदयभानु लाल की उनके एक प्रतिद्विंदी द्वारा हत्या कर दी गयी। हत्या के उपरान्त भुवन और उसके पिता ने बड़ा दहेज मिलने का सपना टूटता देख लालच में आकर शादी से इंकार कर दिया और निर्मला की माँ कल्यानी को उसका विवाह निर्मला से 20 साल बड़े मुंशी तोतारम के साथ मजबूरन करना पड़ा, जिनके खुदके 3 लड़के पहले से थे। तोताराम का बड़ा बेटा मंसाराम निर्मला से एक वर्ष छोटा था। निर्मला पहले बेटे के साथ मित्रवत रूप से रहने लगती है, लेकिन वह इतनी मासूम थी कि वह यह समझ नहीं पाती कि इसका परिणाम उसके पति के दिमाग में शक का बीज बो रहा है। निर्मला का चरित्र बिल्कुल निर्मल होता है, परन्तु शक के कारण तोताराम अपने बेटे मंसाराम को छात्रावास भेज देता है। जहाँ के माहौल में उसका स्वास्थ्य बिगड़ जाता है। और अंततः मंसाराम की टी.बी. (ट्यूबरक्लोसिस) से मृत्यु हो जाती है। उसके बाद उसके दोनों छोटे बेटों की भी मृत्यु हो जाती है। साथ ही परिवार अपनी सारी संपत्ति खो देता है। उधर भुवन मोहन निर्मला को अपने प्रेम में फाँसने की चेष्टा करता है और असफल होने पर आत्महत्या कर लेता है। निर्मला के जीवन में घुटन के सिवाय और कुछ नहीं रह जाता। अंत में स्वास्थ्य बिगड़ने से उसकी मृत्यु हो जाती है। इस प्रकार उपन्यास का अंत करूणापूर्ण है और घटना-प्रवाह में अत्यंत तीव्रता है।

कुट्टी कृष्ण इस सिरियल के कार्यकारी निर्माता थे। गुलज़ार द्वारा पटकथा, संवाद, और दिशा दी गयी थी। रूप कुमार राठोड द्वारा मुख्य गीत गाया गया और राजा सी. कोठारी द्वारा छायांकन का निर्देशन किया गया। 3.5 करोड़ रुपये के बजट में यह सिरियल बनाया गया था। निर्मला की यह कहानी दूरदर्शन के ‘तहरीर... मुंशी प्रेमचंद की’ में 6 एपिसोड के माध्यम से दर्शायी गयी थी जिसका पहला एपिसोड आप ऊपर दिए गए वीडियो में देख सकते हैं, तथा उसके अगले 5 एपिसोड भी।

निर्मला की यह कहानी कुत्सित सामाजिक प्रथा को जड़ से उखाड़ने के लिए एक भारी चुनौती देती है।

संदर्भ:
1. https://en.wikipedia.org/wiki/Nirmala_(novel)
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Premchand
3. http://www.nettv4u.com/about/Hindi/tv-serials/nirmala



RECENT POST

  • क्‍या है लाल मांस और सफेद मांस के मध्‍य भेद?
    शारीरिक

     17-06-2019 11:13 AM


  • एक पिता का अंतिम सम्मोहन
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-06-2019 10:30 AM


  • दोषों की विषमता ही रोग है और दोषों का साम्य आरोग्य
    व्यवहारिक

     15-06-2019 11:01 AM


  • खेतिहर ग्रामीणों के शोषण और संघर्ष को दर्शाती पुस्तक एवरीबडी लव्स अ गुड ड्रौट
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-06-2019 11:06 AM


  • रामपुर का ऐतिहासिक रामपुर क्लब, इसका पतन,एवं रामपुर के अन्य क्लब
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-06-2019 10:44 AM


  • प्रगतिशील कलाकारों के योगदान से हुआ था आधुनिक कला का जन्म
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     12-06-2019 12:04 PM


  • हर एक मस्जिद में मिलेंगे आपको ये ख़ास अंग
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     11-06-2019 11:14 AM


  • कैसे बनायें गर्मियों में अपने लिए एक हरा भरा लॉन
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     10-06-2019 12:01 PM


  • भारत के सबसे रहस्मयी स्थान
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-06-2019 10:09 AM


  • पौराणिक कथाओं के पात्रों से प्रेरित हैं डीसी और मार्वेल कॉमिक के पात्र
    ध्वनि 2- भाषायें

     08-06-2019 11:30 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.