रामायण जैसी ही हैं यूनानी पौराणिक कथाएं

रामपुर

 12-09-2018 02:45 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

आज हमें हमारे एतिहासिक प्रमुख पात्रों (राम, लक्ष्‍मण, कृष्‍ण, पाण्‍डव आदि) और उनकी कहानी के विषय में पौराणिक ग्रंथों (जैसे रामायण, महाभारत, गीता आदि) से पता चलता है। सोचिए कितना रूचिकर होगा यदि हमारी पौराणिक कथाएं और पात्र अन्‍य धर्म की कथाओं और पात्रों के समान हों। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं, हमारी रामायण और यूनानी पौराणिक ग्रन्‍थ इलियड और ओडिसी के मध्‍य समानताओं की। चलिए जानते हैं:

1. ग्रीक महाकाव्य इलियड में ट्रॉय के राजा प्रियम के पुत्र पेरिस ने स्पार्टा के राजा मेनेलॉस की पत्नी हेलेन का उसके पति की अनुपस्थिति में अपहरण कर लिया था। उसी प्रकार रामायण में भी लंका के राजा रावण ने श्री राम की पत्नी सीता का उनके पति की अनुपस्थिति में अपहरण कर लिया था।
2. सीता को पुन: प्राप्त करने के लिए श्री राम और उनके भाई लक्ष्मण ने समस्त वानर सेना एकत्र करके लंका के विरुद्ध युद्ध आरंभ किया था। इलियड में भी, हेलेन को पुन: प्राप्त करने के लिए मेनेलॉस और उसके भाई आगामेम्नन ने समस्त ग्रीक राजाओं की सेना एकत्र करके ट्रॉय के विरुद्ध युद्ध आरंभ कर दिया था।
3. इलियड में युद्ध के अंत में ट्रॉय शहर का दहन हो जाता है और हेलेन घर लौट आती है। वहीं रामायण में भी लंका दहन होता है, और श्री राम और रावण के मध्‍य युद्ध में रावण को पराजय का सामना करना पड़ता है। अंत में सीता घर लौट आती हैं। इन दोनों युद्ध में दोनों ओर से कई लोग मारे गये थे।
4. रामायण युद्ध मुख्य रूप से समुद्र तट पर लड़ा गया था और वानर सेना को लंका पहुंचने में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ट्रोजन युद्ध भी समुद्र तट पर लड़ा गया था, ग्रीक वासियों को ट्रॉय तक जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
5. इलियड में नायक अकिलीज़ है और रामायण में नायक श्री राम हैं। ये दोनों नायक युद्ध के अंतिम चरण में ही अपने आप को साबित करते हैं तथा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। लेकिन महाकाव्य की शुरुआत में ही दोनों का वर्णन कुशल योद्धाओं के रूप में किया गया है।
6. इसी प्रकार इथाका के राजा ओडिसीयस (ओडिसी ग्रंथ के प्रमुख पात्र) की विद्वता रामायण के प्रमुख पात्र राम के समान ही है।

इस प्रकार की कथाएं हमें बताती हैं कि नाम, धर्म, स्‍थान, पात्र चाहे जो भी हो किंतु सभी का उद्देश्‍य समान ही होता है तथा अंततः बुराई पर अच्‍छाई की विजय होती है। जिसका प्रत्‍यक्ष प्रमाण उपरोक्‍त कथाएं हैं।

संदर्भ :

1. http://harrishum.blogspot.com/2010/02/comparison-between-ramayana-and-iliad.html
2. http://lonelyphilosopher.com/relation-between-the-greek-epics-and-the-mahabharata/
3. http://epicmakers.blogspot.com/2010/01/illiad-and-ramayana.html
4. https://digilib.phil.muni.cz/bitstream/handle/11222.digilib/113906/N_GraecoLatina_06-2001-1_9.pdf
5. http://shodhganga.inflibnet.ac.in/bitstream/10603/142937/6/06_chapter%201.pdf



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