उपग्रह प्रक्षेपण हेतु अनिवार्य भौगोलिक स्‍थ‍िति

रामपुर

 04-09-2018 02:10 PM
भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष एजेंसियों में छठवा स्थान प्राप्त करने वाला इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) पिछले कुछ वर्षों से विश्व पटल पर अपने अद्भुत आविष्कारों से अपनी एक नयी छवि बना रहा है। इसरो द्वारा 1971 में सतीश धवन स्पेस सेंटर (एसडीएससी) या श्रीहरिकोटा रेंज को रॉकेट लॉन्च सेंटर के लिये संचालित किया गया था। यह आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा में स्थित है। वहीं 14 फरवरी 2017 में, श्रीहरिकोटा में इसरो के पीएसएलवी (सैटेलाइट लॉन्च वाहन) द्वारा सफलतापूर्वक 104 उपग्रहों को लॉन्च किया गया, इनमें अमेरिका से 96 और इज़राइल, संयुक्त अरब इमिरेट्स, नीदरलैंड्स, स्विट्ज़रलैंड और कज़ाकिस्तान से प्रत्येक के उपग्रह भी शामिल थे। लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यह उठता है कि श्रीहरिकोटा को इसरो द्वारा भारत का सैटेलाइट(उपग्रह) लॉन्च पैड क्यों बनाया गया।

श्रीहरिकोटा को भारत के सैटेलाइट लॉन्च पैड के रूप में चुनते समय कई कारकों पर विचार किया गया था,

1. समुद्र के पास : यदि कोई रॉकेट में आग लग जाती है या वो उत्तोलक हो जाता है तो उसे नियंत्रण करना मुश्किल होता है। तब उसे विनाश आदेश दे दिया जाता है, जिसे पाकर रॉकेट खुद को पूरी तरह नष्ट और विघटित कर समुद्र में गिर जाता है। यदि वो किसी जमीन या पहाड़ों पर गिरता है तो विनाश हो सकता है। इसलिये बंगाल की खाड़ी और पुलिकेट झील से घिरा हुआ, श्रीहरिकोटा आदर्श लॉन्च पैड बनता है।

2. भूमध्य रेखा के पास : यदि लॉन्च स्थान भूमध्य रेखा के पास है, तो काफी ईंधन बचाया जा सकता है। भूमध्य रेखा भारत के दक्षिण से गुजरती है, इसलिए वहाँ पर लॉन्चिंग सेंटर स्थापित करना काफी सुविधाजनक साबित हो सकता है।

3. स्थिर भौगोलिक मंच : लॉन्च के दौरान उत्पादित तीव्र कंपनों का सामना करने के लिए उपलब्ध लैंडमास को ठोस होना चाहिए। मिट्टी को मजबूत होना चाहिए साथ ही नीचे कठोर चट्टान भी होनी चाहिए, श्रीहरिकोटा की तरह।

रामपुर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए क्या वहाँ पर भी श्रीहरिकोटा जैसा रॉकेट लॉन्च स्पेस स्टेशन बन सकता है। अगर देखा जाए तो गंगा नदी बेसिन और हिमालय की नजदीकी के कारण रामपुर में लॉन्च स्टेशन बनाना असंभव है और ना ही वहाँ से भूमध्य रेखा गुजरती है और ना ही वहाँ का लैंडमास ठोस है। इसलिए रामपुर पर रॉकेट लॉन्च स्पेस स्टेशन बन पाना मुश्किल है।

यह तो हुई भारत कि बात लेकिन हम में से कितने लोग जानते हैं कि दुनिया भर में रॉकेट लॉन्च साइटें कहाँ-कहाँ हैं। दुनिया भर के कुछ प्रसिद्ध देशों में रॉकेट लॉन्च साइटें निम्नलिखित हैं :-

  • संयुक्त राज्य अमरीका में केनेडी स्पेस सेंटर (नासा), पैट्रिक एएफबी, वेंडेनबर्ग वायुसेना बेस।
  • ऑस्ट्रेलिया में किस्लर एयरोस्पेस कारपोरेशन, वूमरा रॉकेट रेंज।
  • चीन में शी चंग।
  • फ्रांस में सीआईईईएस (सेंटर इंटरएर्मेस डी एस्सेस डी एंजिन्स स्पेसीओक्स), सीएसजी (सेंटर स्पेटियल गुयानाइस, गियाना स्पेस सेंटर)।
  • भारत में शार / एसडीएससी (सतीश धवन स्पेस सेंटर)।

पिछले कुछ वर्षों में, इसरो ने विश्व में काफी प्रसिद्धि हासिल की है।

संदर्भ :-

1.http://www.qsl.net/w2vtm/launchsites.html
2.https://en.wikipedia.org/wiki/Spaceport
3.https://www.thespacereport.org/resources/infrastructure/launch/launch-support/spaceports/indian-spaceports/2017-indian-spaceports
4.https://en.wikipedia.org/wiki/Satish_Dhawan_Space_Centre



RECENT POST

  • क्या है, हिन्दू धर्म साहित्य में श्रुति और स्मृति?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     27-05-2020 01:45 PM


  • शरीर की मौसम संबंधी जरूरतों को पूरा करते हैं, मौसमी फल और सब्जियां
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     26-05-2020 09:45 AM


  • संस्कृति, इतिहास और भौगोलिक विविधता के प्रचारक हैं कपड़े
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     25-05-2020 09:00 AM


  • क्या है, दुनिया की सबसे हल्की वस्तु ?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     24-05-2020 10:50 AM


  • ईद के दौरान सलात की प्रथा और इसकी महत्ता
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     23-05-2020 11:30 AM


  • क्या निजी अनुबंध से पुदीने की खेती को होगा लाभ?
    वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

     22-05-2020 10:10 AM


  • क्या चंदन उगाने पर लगे प्रतिबंध को हटाया जाना चाहिए?
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     21-05-2020 10:20 AM


  • बन्दूक की गोलियों के विरुद्ध रेशम की अभेद्यता
    हथियार व खिलौने

     20-05-2020 09:30 AM


  • कोविड-19 के प्रभावों के साथ भविष्य में होंगे अनेकों स्थायी परिवर्तन
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2020 09:30 AM


  • व्यक्तियों और समुदायों के जीवन को समृद्ध करते हैं, संग्रहालय
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     18-05-2020 01:00 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.