भारत की बांधनी कला और जापान की शिबोरी में समानताएं

रामपुर

 31-08-2018 02:48 PM
स्पर्शः रचना व कपड़े

बंदानी (बंदानी शब्द "बंदान" से लिया गया, जिसका अर्थ है बांधना) का सबसे प्राचीन साक्ष्य सिंधु घाटी सभ्यता से मिलता है, जिससे यह पता चलता है कि रंगाई 4000 बीसी(B.C) से पूर्व में भी की गई थी। बंदानी साड़ी एक प्रचीन कला है, जो लगभग 5000 साल पहले मुख्य रूप से गुजरात और राजस्थान राज्य में शुरू हुई थी। क्या आप जानतें हैं कि भारत की बंदानी में जापान के शिबोरी (जापानी में शिबोरी का मतलब है "मरोड़ना, निचोड़ना और प्रेस करना है") से काफी मिलती जुलती समानताएं हैं।

कपड़े छपाई की टाई और डाई तकनीक जपानियों और गुजरातियों को आपस में जोड़ने वाल एक कड़ी है। जापानी शिबोरी की शैली को भारत में 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा पेश किया गया था। वहीं बंदानी और शिबोरी को बनाने की प्रक्रिया काफी समान है, जैसे बंदानी में कारीगर द्वारा पहले कपड़े को अलग-अलग पेटर्न में बांधा जाता है, फिर उन कपड़ों को डाई किया जाता है, वैसे ही शिबोरी में भी कपड़ों को बांधने, सिलाई, मोड़ने, संपीड़ित या डाई करने के लिए अनेक तरीके अपनाये जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि बंदानी शिबोरी से पुरानी है और इसे भारत से जापान में निर्यात किया गया था, जिसने तब उत्पादन, लेआउट और डिजाइन की तकनीक में महारत हासिल कर ली थी।

वहीं अब जापान की शिबोरी में उपयोग किये जाने वाला "मोती" और "धात्‍वीय धागा" भारतीय बुटीकों में भी लोकप्रिय हो रहा है और अब यह दिल्ली, गुजरात और राजस्थान में हस्तकला समूह द्वारा भी अभ्यास किया जाता है। जैसा की हम सब जानते हैं मुख्य रूप से शिबोरी की प्रक्रिया किमोनोस में प्रयोग की जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे करने के लिये शिबोरी की प्रक्रिया को प्रत्येक चरण में रंगाई हेतु दोहराया जाता है जिसे बनाने में लगभग एक वर्ष लग जाता है।

आजकल हम आसानी से गुजरात में शिबोरी पा सकते हैं लेकिन वे कच्चे संस्करण हैं क्योंकि भारत के मुकाबले जापान में शिबोरी की गुणवत्ता और निपुणता अब काफी उन्नत हो गयी है। जबकि प्राचीन काल में, हमारे द्वारा यह काम बड़ी सावधानी और तेजी से किया जाता था।

संदर्भ :-

1.https://en.wikipedia.org/wiki/Shibori
2.https://timesofindia.indiatimes.com/city/ahmedabad/The-thread-that-binds-India-Japan/articleshow/3957954.cms
3.https://www.wanderingsilk.org/single-post/2016/07/29/Textiles-360%C2%B0-Shibori-Bandhani
4.https://www.jaypore.com/indigo-shibori-zardozi-tunic-top-cotton-silk-single-jersey-p8600
5.http://www.vam.ac.uk/content/articles/k/kimono-making-kimono/



RECENT POST

  • क्या जरूरी है रामपुर के समाज में आज (Gated Community) चारदीवारी समुदाय?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     26-04-2019 10:27 AM


  • क्या है कैंसर ? उससे जुड़े मिथक एवं तथ्य !
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     25-04-2019 07:00 AM


  • क्या सच में होते थे जादुई घोड़े या ये बस एक काल्पनिक जीव है?
    शारीरिक

     24-04-2019 07:52 PM


  • अनाथ बच्चों के दर को नियंत्रित करने हेतु उनको गोद लेना है एक अच्छा उपाय
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     23-04-2019 09:49 AM


  • लेडी एलिस रीडिंग द्वारा रामपुर के जनाने, बेगम और नवाब पर कुछ दिलचस्प टिप्पणियां
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     22-04-2019 09:00 AM


  • यीशु के बलिदान को नमन
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     21-04-2019 07:10 AM


  • रामपुर में एक क्रेन की मदद से बनारस के महाराज करते थें गाय का दर्शन
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     20-04-2019 09:00 AM


  • मैकडॉनल्ड्स के फिले-ओ-फिश (Filet-O-Fish) सैंडविच की रोचक कहानी
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-04-2019 10:17 AM


  • जैन धर्म के दो समुदाय – दिगंबर और श्वेताम्बर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     18-04-2019 12:05 PM


  • रोहिलखंड में कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी की भूमिका
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     17-04-2019 01:19 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.