Machine Translator

भारत में चिकित्सा के क्षेत्र में ओटीसी (ओवर-द-काउंटर) की भूमिका

रामपुर

 28-08-2018 11:57 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

हम सभी जानतें हैं कि स्वास्थ्य और चिकित्सा के महत्व ने मनुष्यों की जीवन प्रत्याशा को बढ़ाया है। पिछले सौ वर्षों में औषधी प्रक्रिया और चिकित्सा उपकरण मानव स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित हुए हैं। हमारी छोटी-छोटी बीमारियाँ हमको चिकित्सक के पास ले जाती है, क्योंकि हम में से अधिकांश ने किसी ना किसी से यह कहते हुए सुना होगा कि हमें बिना किसी डॉक्टर के परामर्श के फार्मासिस्ट(Pharmacist) से दवाएं नहीं खरीदनी चाहिए और न ही फार्मासिस्ट को डॉक्टर के परामर्श पर्चे बिना किसी भी दवा को के बेचना चाहिए। लेकिन यह आपके साथ कितनी बार हुआ है कि आप सिरदर्द के लिए डॉक्टर के पास जाते हैं और डॉक्टर ने इलाज के लिए पर्ची बनाने के लिए कहा हो। बहुत ही कम, सही? तो हम इस रहस्य को कैसे हल कर सकते हैं? इसका उत्तर ओटीसी (ओवर द काउंटर ड्रग्स) ड्रग्स है। आईए जानते हैं क्या है ये ओटीसी ड्रग्स।

ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) ड्रग्स में फार्मासिस्टों द्वारा सीधे उपभोक्ता को बिना डाक्टर के परामर्श के दवाइयाँ बेचने की अनुमती दी जाती है। कई देशों में, ओटीसी(O.T.C) दवाओं को एक नियामक एजेंसी द्वारा चुना जाता है ताकि वे यह सुनिश्चित कर सकें कि ये दवाइयाँ चिकित्सक के निर्देश के बिना भी उपयोग किए जाने पर सुरक्षित और प्रभावी हों। आप की अधिक जानकारी के लिए आपको बताते हैं कि ओटीसी शब्द एक अस्पष्ट और कानूनी रूप से अनिर्धारित शब्द है, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940, या ड्रग्स एंड प्रसाधन सामग्री नियम, 1945 में इसका कोई उल्लेख नहीं है।

ओटीसी कई देशों द्वारा लागू की गई हैं, 2011 तक, अमेरिका में लगभग एक तिहाई वृद्ध वयस्कों द्वारा ओटीसी दवाओं का इस्तेमाल किया गया, वहीं 2018 में वयस्कों द्वारा मामूली बीमारियों के लिए प्राथमिक उपचार के रूप में उपयोग का विस्‍तार81% तक पहुंच गया है।

ओटीसी की परिभाषा को देखते हुए क्या भारत में वास्तव में ओटीसी लागू है, आपको बताते हैं कि भारत में ओटीसी दवाओं की कोई कानूनी परिभाषा नहीं है, यहाँ पर जो दवाइयाँ "चिकित्सक द्वारा परामर्शित" में नहीं आती हैं, उन्हें गैर चिकित्सकीय दवाओं या ओटीसी दवाएं माना जाता है। इसीलिए नवंबर 2016 में, भारत की दवा परामर्श समिति ने घोषणा की कि वह दवाओं की परिभाषा स्थापित करने की शुरुआत कर रहे हैं, ताकि उन्हें बिना पर्ची के देने में भी लोगों को कोई नुक्सान ना हो, हालांकि, आवश्यक परिभाषा 2018 की शुरुआत तक लागू नहीं की गई है।

इसलिए एक बार ओटीसी राजपत्र के माध्यम से अधिसूचित किया जाए, तो फार्मासिस्ट, डॉक्टर से परामर्श किए बिना साधारण बीमारियों के लिए रोगियों को ओटीसी में निर्धारित दवाइयाँ ही दे सकते हैं।

संदर्भ :-

1.https://en.wikipedia.org/wiki/Over-the-counter_drug
2.http://safemedicinesindia.in/innerpage.php?title=Pharmacy%20experts%20ask%20government%20to%20enlist%20and%20notify%20%27OTC%20drugs%27%20in%20the%20wake%20of%20generic%20prescription%20becoming%20legal



RECENT POST

  • एक पिता का अंतिम सम्मोहन
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-06-2019 10:30 AM


  • दोषों की विषमता ही रोग है और दोषों का साम्य आरोग्य
    व्यवहारिक

     15-06-2019 11:01 AM


  • खेतिहर ग्रामीणों के शोषण और संघर्ष को दर्शाती पुस्तक एवरीबडी लव्स अ गुड ड्रौट
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-06-2019 11:06 AM


  • रामपुर का ऐतिहासिक रामपुर क्लब, इसका पतन,एवं रामपुर के अन्य क्लब
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-06-2019 10:44 AM


  • प्रगतिशील कलाकारों के योगदान से हुआ था आधुनिक कला का जन्म
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     12-06-2019 12:04 PM


  • हर एक मस्जिद में मिलेंगे आपको ये ख़ास अंग
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     11-06-2019 11:14 AM


  • कैसे बनायें गर्मियों में अपने लिए एक हरा भरा लॉन
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     10-06-2019 12:01 PM


  • भारत के सबसे रहस्मयी स्थान
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-06-2019 10:09 AM


  • पौराणिक कथाओं के पात्रों से प्रेरित हैं डीसी और मार्वेल कॉमिक के पात्र
    ध्वनि 2- भाषायें

     08-06-2019 11:30 AM


  • अकबर के प्रिय हाथी हिरन को समर्पित हिरन मीनार
    स्तनधारी

     07-06-2019 10:35 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.