अनौपचारिक तौर पर उधार। वैध या अवैध?

रामपुर

 02-07-2018 02:55 PM
सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

धन उधार अधिनियम, गैर-कृषि लोगों को असुरक्षित ऋण के ऊपर 21% से अधिक ब्याज लागत दर से रोकता है और सुरक्षित ऋण के ऊपर 18% से अधिक ब्याज दर से। कृषि के लिए क्रमशः 12% और 15% है। धन उधार अधिनियम के अनुसार ऋण दर सरल ब्याज है।

जरूरत के समय अपने दोस्तों या परिवार के लोगों से किसी कार्य के लिए पैसा उधार लेना या देना व्यापार नहीं होता है, इसलिए इसके लिए धन उधार अधिनियम की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन यदि आप ऐसा पैसा कमाने के लिए, नियमित आधार पर करते हैं, तब आपको एक लाइसेंस की आवश्यकता होती है। अन्यथा यह एक अपराध है और यह अवैध है। ऐसे किसी भी दुर्लभ से दुर्लभ मामलों में आपको 30 हजार का जुर्माना या कुछ समय के लिए जेल हो सकती है।

‘बीसी’ शब्द का सम्बन्ध हिंदी की गिनती के ‘20’ अंक से निकलकर आया है। यह एक ऐसा तरीका है, जिसका उपयोग निम्न मध्यम वर्ग समाज के स्थानीय लोगों द्वारा उनकी ऋण आवश्यकताओं और निवेश आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए किया जाता है। कई बार व्यक्ति बैंक से ऋण लेने में सक्षम नहीं होता है, क्योंकि उसे बैंक की ऐसी कई प्रक्रियाओं से गुज़रना पड़ता है, जहां पर उसे आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ते हैं और किसी कारण इन दस्तावेजों के अभाव में उसका ऋण निरस्त हो जाता है। जिस कारण वह बीसी को अपनाता है। इसे भारत के अधिकांश हिस्सों में कमेटी या समिति के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि यह पैसे उधर लेने और देने का एक अवैध तरीका है परन्तु यह भारत में एक बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।

बीसी में लोगों का एक समूह होता है, जिसमें 5 से 20 लोग शामिल होते हैं, जहां पर प्रत्येक व्यक्ति धन के रूप में कुछ निश्चित राशि का योगदान करता है। बीसी को मुख्य रूप से संचालित करने वाला कैशियर कहलाता है। उसी के पास प्रत्येक व्यक्ति के लेनदेन का ब्यौरा होता है। किसी भी प्रकार की लेनदेन प्रक्रिया की पूरी जिम्मेदारी कैशियर पर होती है। इसमें उधारकर्ता को सस्ते दर पर ऋण और निवशकों को उच्च लाभ मिलता है। इस तरह की कमेटी या बीसी का फायदा यह होता है कि यह उन लोगों के लिए लाभप्रद है जो बैंक से किसी भी कारणवश ऋण नहीं ले सकते। कई बार बीसी में पैसा लगाना जोखिम-भरा होता है, क्योंकि अक्सर कई बार कैशियर सारा धन लेकर नौ-दो-ग्यारह हो जाता है या उधारकर्ता उधार लेकर चंपत हो जाता है। इसलिए बीसी का संगठन या संचालन समाज के करीबी सदस्यों या परिवारिक लोगों के बीच होता है, जहां विश्वास बना रहता है।

संदर्भ

1. https://www.quora.com/Is-money-lending-without-license-is-crime-in-India-Is-it-legal-to-charge-45-interest-Per-annum-If-it-is-crime-then-what-will-be-punishment
2. https://www.quora.com/What-is-the-full-form-of-BC-kitty-party



RECENT POST

  • रामपुर के नज़दीक पहाड़ी इलाके में बर्फ की झलक
    जलवायु व ऋतु

     16-12-2018 10:00 AM


  • रामपुर में नज़र आई कॉमन रोज़ तितली
    तितलियाँ व कीड़े

     15-12-2018 02:09 PM


  • चपाती आंदोलन : 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में चपातियां बनी संदेशवाहक
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     14-12-2018 12:59 PM


  • भवनों के श्रृंगार का एक अद्भुत आभूषण झूमर
    घर- आन्तरिक साज सज्जा, कुर्सियाँ तथा दरियाँ

     13-12-2018 02:23 PM


  • क्या और कैसे होता है ई-कोलाई संक्रमण?
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     12-12-2018 02:37 PM


  • विज्ञान की एक नयी शाखा, समुद्र विज्ञान
    समुद्र

     11-12-2018 01:00 PM


  • मशरूम बीजहीन होने के बाद भी नए पौधे कैसे बनाते हैं?
    फंफूद, कुकुरमुत्ता

     10-12-2018 02:46 PM


  • मानव की उड़ान का लम्बा मगर हैरतंगेज़ सफ़र
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     09-12-2018 10:00 AM


  • कैसे शुरु हुई ये सर्दियों की मिठास, चिक्की
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     08-12-2018 12:08 PM


  • सुगंधों के अनुभव की विशेष प्रक्रिया
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     07-12-2018 12:32 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.