Machine Translator

सुरीली बुलबुल

रामपुर

 25-05-2018 02:05 PM
पंछीयाँ

बुलबुल को एक गायक पक्षी भी कहा जाता है। यह पूरे भारत में पायी जाती है तथा विश्व भर में इसकी कुल 1700 प्रजातियाँ पायी जाती हैं। बुलबुल में दो अत्यंत महत्वपूर्ण बातें पायी जाती हैं पहली, कि ये लड़ने की शौकीन होती हैं और दूसरी कि, नर बुलबुल ही गीत गाते हैं। बुलबुल कद में गौरैया से बड़ी होती है तथा इनकी बनावट सुन्दर होती है। कई बुलबुलों के सर पर एक त्रिकोण बना हुआ होता है। ये पंक्षी काले रंग के होने के बाद भी चित्त को मनोरंजित करने वाले होते हैं। इनकी दुम के नीचे का भाग सुर्ख रंग का होता है जो कि इनकी सुन्दरता में चार चाँद लगा देता है। ये भोजन में फल-फूल व कीड़े मकोड़ों का सेवन करते हैं। ये पक्षी घास फूस के घोसलों में रहते हैं तथा इनका घोसला अति साधारण होता है। इनका घोसला टहनियों आदि से लटकता हुआ दिखाई देता है। ये आमतौर पर 2 से 4 अंडे तक देती हैं, इनका अंडा हल्का गुलाबी सफ़ेद रंग का होता है तथा इनके अण्डों पर लाल या नीलेपन से युक्त कत्थई रंग के धब्बे पड़े होते हैं। ये सफाई पसंद पक्षी होते हैं जो अपने घोसलों का ख़ास ख्याल रखते हैं। बुलबुल को लोग पालना भी पसंद करते हैं, ये पिंजरे आदि में नहीं रहती बल्कि पालने वाले के हाथों या कन्धों पर बैठती हैं। प्राचीन काल से ही बुलबुल को पालने का शौक चले आ रहा है। राजा महाराजा आदि बुलबुल को लड़ाने का कार्यक्रम रखा करते थे और दूर-दूर से लोग इनकी लड़ाई देखने आया करते थे। अवध के नवाबों को बुलबुल को लड़ाने का शौक था। बुलबुल की कई उपजातियां पायी जाती हैं जिनमें से 22 किस्म के बुलबुलों का जिक्र एलन ह्यूम ने किया है। भारत में पायी जाने वाली कुछ प्रसिद्द बुलबुल निम्नलिखित हैं-

1. गुलदुम बुलबुल
2. सिपाही बुलबुल
3. मछरिया बुलबुल
4. पीला बुलबुल
5. कांगड़ा बुलबुल

एक अन्य बुलबुल भी भारत व अन्य देशों में पायी जाती है जिसका नाम है शाह बुलबुल। इस बुलबुल की पूँछ अत्यंत लम्बी होती है तथा ये प्रवास करती हैं। भारत के विभिन्न कवियों ने बुलबुलों के ऊपर अपनी कवितायेँ भी लिखी हैं जो इनकी महत्ता को प्रदर्शित करती है। भारत में पायी जाने वाली आम बुलबुल 23 सेंटी मीटर की होती हैं और ये बिलकुल काले रंग की होती हैं तथा इनकी दुम के नीचे कुछ सफ़ेद या लाल रंग पाया जाता है। इसके अलावा अन्य कई बुलबुल भी भारत में पाई जाती हैं जिनमें रंग और आकार का फर्क देखा जा सकता है। बहुतायत में पायी जाने वाली बुलबुल को ही सिपाही बुलबुल के नाम से जाना जाता है। राम प्रसाद बिस्मिल ने इसी बुलबुल को मद्देनजर रखकर कई गजलों का लेखन किया था।

1. भारत के पक्षी - राजेश्वर प्रसाद नारायण सिंह


RECENT POST

  • ब्रह्मांड से भी बड़ी है ग्राह्म संख्या
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     23-07-2019 11:46 AM


  • फ्रीलांसरों (Freelancers) के लिये बहुत उपयोगी है इंटरनेट
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     22-07-2019 12:19 PM


  • कैसे बनायें देगी चिकन कोरमा
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     21-07-2019 11:00 PM


  • पारंपरिक परिधानों की शान है रामपुर की ज़री कढ़ाई
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     20-07-2019 11:18 AM


  • क्या वास्तव में अपराध के विषय में देश के लिये आदर्श हैं रामपुर के गांव?
    व्यवहारिक

     19-07-2019 11:42 AM


  • क्या रामपुर की धरती के नीचे मौजूद हैं तारे?
    खनिज

     18-07-2019 12:10 PM


  • रामपुर के निकट स्थित अहिच्छत्र का इतिहास
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     17-07-2019 01:50 PM


  • दो ग्रीक दार्शनिक एवं उन पर भारत का प्रभाव
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-07-2019 03:12 PM


  • दिल्‍ली के होटलों में परोसे जाने वाले रामपुरी व्‍यंजन
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     15-07-2019 01:02 PM


  • मधुर और कर्णप्रिय सांध्य राग भीमपलासी
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     14-07-2019 09:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.