महाभारत में वर्णित स्थान और रामपुर

रामपुर

 21-05-2018 02:27 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

महाभारत को विश्व के सबसे महान काव्यों में से एक माना जाता है। महाभारत मात्र काव्य होने के साथ-साथ धार्मिक पुस्तक और इतिहास का श्रोत भी है। यह कहना कतिपय गलत नहीं होगा कि महाभारत प्राचीन काल के भारत के भूगोल को सही प्रकार से प्रस्तुत करता है। पुरातत्व विभाग ने महाभारत में वर्णित स्थानों की खुदाई करवाई है जहाँ से स्थानों की पुरातात्विक स्थिति सिद्ध हुई है। हाल में ही बागपत जिले के बरनावा में खुदाई करवाई गयी है जहां से कई साक्ष्य पाए गए हैं। यह लाक्षा गृह के रूप में जाना जाता है। रामपुर को मात्र मध्यकालीन इतिहास में नहीं बाँधा जा सकता और जब यह एक ऐसे भौगोलिक स्थान पर स्थित है जहाँ पर महाभारत काल के कई बड़े घटनाक्रमों को देखा जा सकता है। पंचाल की राजधानी अहिक्षेत्र रामपुर के नजदीक बरेली जिले के रामनगर में स्थित है तो वहीँ महाभारत में वर्णित कुरु की राजधानी हस्तिनापुर, मेरठ में है जो कि रामपुर से अत्यंत नजदीक है। महाभारत में वर्णित इन्द्रप्रस्थ दिल्ली को कहा जाता है जो कि रामपुर से अधिक दूर नहीं है। इस अनुसार यह आराम से कहा जा सकता है कि रामपुर महाभारत काल में इन सभी राजधानियों के अंतर्गत आता होगा। महाभारत काल के 35 शहर आज भी मौजूद हैं जैसे तक्षिला, उज्जैन, कुरुक्षेत्र, वृन्दावन, आदि।

अहिछत्र (बरेली) को महाभारत में द्रौपदी के राज्य पंचाल की राजधानी माना जाता है, जैसा कि द्रौपदी को पांचाली के नाम से भी जाना जाता है। बरेली के अहिक्षेत्र में खुदाई के दौरान एक विशाल मंदिर मिला। इस मंदिर की उंचाई 22 मीटर है और इस मंदिर के ऊपर एक शिव लिंग भी है। यह मंदिर पिरामिदाकार का है। विभिन्न सरकारों द्वारा महाभारत परिक्रमा की शुरुआत की जा रही है। इस परिक्रमा में महाभारत से जुड़े तमाम शहरों को जोड़े जाने का प्रावधान है। इस परिक्रमा पथ से लोग महाभारत से जुड़े सभी स्थलों का अवलोकन कर सकते हैं। इससे यहाँ पर बड़े पैमाने पर पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस परिक्रमा में परीक्षितगढ़, शुक्रताल और गढ़मुक्तेश्वर ज़िले शामिल हैं। हाल ही में मेरठ में एक गुफा खोजी गयी है। माना जा रहा है की यह वही गुफा है जिसका पांडवों ने जंग से बचने के लिए इस्तेमाल किया था। इस गुफा का सौन्दर्यीकरण महाभारत परिक्रमा में शामिल किया गया है।

इस परिक्रमा पथ में हस्तिनापुर भी शामिल है। यह शहर मेरठ से 37 किलोमीटर की दूरी पर है और यहाँ पर महाभारत काल के बहुत से वास्तु प्राप्त हुए हैं। इस परिक्रमा के अंतर्गत 2 दिन और एक रात में कुल 375 किलोमीटर की यात्रा पूरी की जाएगी जिसमें पर्यटकों को ज़्यादा से ज़्यादा महाभारत कालीन जगहें दिखाई जाएंगी। इस परिक्रमा से रामपुर को यह फायदा होगा कि बड़े पैमाने पर पर्यटक रामपुर भी आयेंगे जो कि इस परिक्रमा पथ के रास्ते में ही पड़ता है।

1. https://topyaps.com/mahabharata-places-still-exist
2. http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-newdelhi/work-on-mahabharat-circuit-to-start-soon/article3244517.ece
3. https://indictales.com/2018/01/08/ahichhatra-bareilly-was-mentioned-in-mahabharata-as-capital-of-draupadis-kingdom-panchala/
4. https://en.wikipedia.org/wiki/Panchala



RECENT POST

  • क्या इत्र में इस्तेमाल होता है व्हेल से निकला हुआ घोल
    मछलियाँ व उभयचर

     17-02-2019 10:00 AM


  • शिक्षा को सिद्धान्‍तों से ऊपर होना चाहिए
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-02-2019 11:47 AM


  • ये व्यंजन दिखने में मांसाहारी भोजन जैसे लगते तो है परंतु हैं शाकाहारी भोजन
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     15-02-2019 11:39 AM


  • प्यार और आज़ादी के बीच शाब्दिक सम्बन्ध
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-02-2019 01:20 PM


  • चावल के पकवानों से समृद्ध विरासत का धनी- रामपुर
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     13-02-2019 03:18 PM


  • भारत में बढ़ती हॉकी के प्रति उदासीनता
    हथियार व खिलौने

     12-02-2019 04:22 PM


  • संगीत जगत में राग छायानट की अद्‌भुत भूमिका
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     11-02-2019 04:21 PM


  • देखे विभिन्न रंग-बिरंगे फूलों की खिलने की पूर्ण प्रक्रिया
    बागवानी के पौधे (बागान)

     10-02-2019 12:22 PM


  • एक पक्षी जिसका निशाना कभी नहीं चूकता- किलकिला
    पंछीयाँ

     09-02-2019 10:00 AM


  • गुप्त लेखन का एक विचित्र माध्यम - अदृश्य स्याही
    संचार एवं संचार यन्त्र

     08-02-2019 07:04 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.