Machine Translator

हिंदुस्तान की शान, एम्बेसेडर

रामपुर

 30-04-2018 11:22 AM
य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

क्या आपने भी अपने शहर रामपुर में इस शाही भारतीय गाड़ी को देखा है? ज़रूर देखा होगा। आखिर किस हिन्दुस्तानी ने कभी एक एम्बेसेडर का मालिक होने का सपना नहीं देखा। हिंदुस्तान मोटर (Hindustan Motor) भारत की पहली कंपनी थी जिसने भारत भर में 1942 में गाड़ियों का उत्पादन किया। एम्बेसेडर का उत्पादन 1948 में शुरू हुआ था, इसमें मोरिस ऑक्सफ़ोर्ड (Series 2 Morris Oxford) के मृत पुर्जों से टूलींग की गयी, यह नफ्फ्ल्ड ग्रुप (Nuffled Group) द्वारा निर्मित की गयी थी और अब यह ग्रुप ब्रिटिश मोटर कार्पोरेशन (British Motor Corporation) का एक हिस्सा है। एम्बेसेडर को 'एम्बी' नाम से जाना जाता है, इस गाड़ी की चाह लोगों में बहुत ज़्यादा हुआ करती थी, इस गाड़ी की हेडलाइट, बोनट और रंग लोगों को काफ़ी भाये। पिछले 50 वर्षों में एम्बी में काफ़ी सुधार आया है, इसमें नया इंजन लगाया गया है और बड़े पहिये भी लगवाए गए हैं। यह गाड़ी भारत की कड़क सड़कों पर चलने के लिए काफ़ी अच्छी है। इसकी विश्वसनीयता के कारण ही ज़्यादातर लोग इस गाड़ी का टैक्सी और आपातकालीन सेवाओं में इस्तेमाल करते हैं।

आज की तारीख तक हिंदुस्तान मोटर 40 लाख से ज़्यादा एम्बेसेडर बना चुकी है और इसका मुख्य उत्पादन-गृह या मुख्यालय पश्चिम बंगाल के उत्तरपुर में है। यह गाड़ी पूरे भारत भर की सड़कों पर देखी जा सकती है। यह गाड़ी अपनी विश्वसनीयता के कारण भारत के औद्योगिक विकास का एक प्रतीक बन गई है और सरकारी गाड़ी के तौर पर भी एम्बेसेडर का विस्तृत इस्तेमाल होता है तथा लगभग पांच में से एक एम्बेसेडर सर्कार द्वारा खरीदी जाती है। 1970 के दशक तक एम्बी के जोड़ की कोई दूसरी गाड़ी नहीं हुआ करती थी, लेकिन उसके बाद बाज़ार में नई तरीके की गाड़ियाँ आनी शुरू हो गईं और धीरे-धीरे एम्बी की मांग घटने लगी । लेकिन आज भी सरकारी गाड़ी के तौर पर इसका इस्तेमाल होता है। हिंदुस्तान मोटर ने इसकी बिक्री को बढ़ाने के लिए इस गाड़ी को जापान और UK में भी बेचना शुरू कर दिया है, जिन लोगों को पुरानी लुक की गाड़ियाँ पसंद हैं वे आज एम्बी को चुनते हैं। एम्बेसेडर ने वास्तव में भारत की महिमा और गरिमा को दर्शाया है।

1. पायनियर- फ़ायडॉन प्रेस



RECENT POST

  • रुडयार्ड किपलिंग की कविता में रोहिल्ला युद्ध का वर्णन
    ध्वनि 2- भाषायें

     20-06-2019 11:36 AM


  • टी-शर्ट का इतिहास
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     19-06-2019 11:15 AM


  • पाकिस्‍तान में अभी भी जीवित हस्‍त कशीदाकारी
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     18-06-2019 11:10 AM


  • क्‍या है लाल मांस और सफेद मांस के मध्‍य भेद?
    शारीरिक

     17-06-2019 11:13 AM


  • एक पिता का अंतिम सम्मोहन
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-06-2019 10:30 AM


  • दोषों की विषमता ही रोग है और दोषों का साम्य आरोग्य
    व्यवहारिक

     15-06-2019 11:01 AM


  • खेतिहर ग्रामीणों के शोषण और संघर्ष को दर्शाती पुस्तक एवरीबडी लव्स अ गुड ड्रौट
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-06-2019 11:06 AM


  • रामपुर का ऐतिहासिक रामपुर क्लब, इसका पतन,एवं रामपुर के अन्य क्लब
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-06-2019 10:44 AM


  • प्रगतिशील कलाकारों के योगदान से हुआ था आधुनिक कला का जन्म
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     12-06-2019 12:04 PM


  • हर एक मस्जिद में मिलेंगे आपको ये ख़ास अंग
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     11-06-2019 11:14 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.