आखिर हमें कई बार मॉल आदि में लोहा आदि छूने से झटका क्यूँ लगता है?

रामपुर

 10-04-2018 12:06 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

कई बार हमें अपनी आस पास पड़ी वस्तुओं से बिजली का झटका लग जाता है। यह झटका स्थैतिक बिजली के नाम से जाना जा सकता है। टी.वी. या कंप्यूटर की स्थैतिक बिजली भयानक या खतरनाक भी हो सकती है। इसकी ऊर्जा से मानव शरीर के बाल खड़े हो जाते हैं, यह घर के उपकरणों को नुकसान पहुंचा सकती है और बड़े विस्फोट का कारण भी बन सकती है। हांलाकि ठीक प्रयोग और नियंत्रण से यह अत्यंत महत्त्वपूर्ण बिंदु बन सकती है।

रॉचेस्टर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर माइकल रिचमंड के अनुसार, "इलेक्ट्रिक चार्ज मौलिक गुण का मामला है" ब्रह्मांड में लगभग सभी बिजली का चार्ज प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन द्वारा किया जाता है। प्रोटॉन को 1 इलेक्ट्रॉन इकाई का प्रभार कहा जाता है, जबकि इलेक्ट्रॉन का प्रभार-1 होता है, हालांकि ये संकेत पूरी तरह से मनमाना है। चूंकि प्रोटॉन आम तौर पर परमाणुओं के अंदर घुमाए जाते हैं, जो परमाणु नाभिक तक ही सीमित होते हैं, वे लगभग इलेक्ट्रॉनों के रूप में जाने के लिए स्वतंत्र नहीं हैं। इसलिए, जब हम विद्युत प्रवाह के बारे में बात करते हैं, तो हम लगभग हमेशा इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह पर ध्यान देते हैं, और जब हम स्थिर बिजली के बारे में बात करते हैं, तो आम तौर पर वस्तुओं के नकारात्मकता और सकारात्मकता के बीच के असंतुलन पर ध्यान देते हैं।

स्थिर चार्ज बनने का एक सामान्य कारण दो ठोस सामग्री के बीच होने वाला संपर्क है। हवाई विश्वविद्यालय के अनुसार, "जब दो पदार्थों को स्थैतिक बिजली बनाने के लिए एकत्रित किया जाता है, तब एक पदार्थ इलेक्ट्रान को छोड़ता है और अधिक सकारात्मक बल लगाता है जबकि अन्य सामग्री इलेक्ट्रॉनों को इकट्ठा करती है और अधिक नकारात्मक रूप से चार्ज हो जाती है।" इसका कारण यह है कि एक सामग्री के इलेक्ट्रान कमजोर रूप से बंधे होते हैं, और अन्य के पास इसके बाहरी इलेक्ट्रॉनों के गोले में कई रिक्तियां हैं, इसलिए इलेक्ट्रॉनों को अलग-अलग होने के बाद चार्ज असंतुलन का निर्माण कर इनको विस्थापित किया जा सकता है। नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के अनुसार, जो पदार्थ इस तरह से इलेक्ट्रॉनों को खो सकते हैं या प्राप्त कर सकते हैं उन्हें ट्राइबोइलेक्ट्रिक (Triboelectric) कहा जाता है।

लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस के अनुसार, आपके शरीर को स्थिर चार्ज करने पर आपके बाल खड़े हो सकते हैं। जब आप एक हल्के स्विच प्लेट पर एक स्क्रू जैसी धातु के एक टुकड़े को छूते हैं, तो यह आपके शरीर में बनाए गए क्रिया के आधार पर पथ प्रदान करता है। यह अचानक निर्वहन आपकी उंगली और पेंच के बीच की हवा के माध्यम से एक दृश्यमान और श्रव्य चिंगारी बनाता है। यह आपके शरीर और जमीन के बीच उच्च स्थितिज ऊर्जा के कारण होता है जो 25,000 वोल्ट जितना हो सकता है।

1.https://www.google.co.in/search?q=objects+means+in+hindi&oq=objects+means+&aqs=chrome.1.69i57j0l5.7970j1j4&sourceid=chrome&ie=UTF-8
2. http://www.sciencemadesimple.com/static.html



RECENT POST

  • चपाती आंदोलन : 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में चपातियां बनी संदेशवाहक
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     14-12-2018 12:59 PM


  • भवनों के श्रृंगार का एक अद्भुत आभूषण झूमर
    घर- आन्तरिक साज सज्जा, कुर्सियाँ तथा दरियाँ

     13-12-2018 02:23 PM


  • क्या और कैसे होता है ई-कोलाई संक्रमण?
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     12-12-2018 02:37 PM


  • विज्ञान की एक नयी शाखा, समुद्र विज्ञान
    समुद्र

     11-12-2018 01:00 PM


  • मशरूम बीजहीन होने के बाद भी नए पौधे कैसे बनाते हैं?
    फंफूद, कुकुरमुत्ता

     10-12-2018 02:46 PM


  • मानव की उड़ान का लम्बा मगर हैरतंगेज़ सफ़र
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     09-12-2018 10:00 AM


  • कैसे शुरु हुई ये सर्दियों की मिठास, चिक्की
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     08-12-2018 12:08 PM


  • सुगंधों के अनुभव की विशेष प्रक्रिया
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     07-12-2018 12:32 PM


  • व्हिस्की का उद्भव तथा भारत में इसका आगमन
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     06-12-2018 12:54 PM


  • रोहिल्लाओं का द्वितीय युद्ध जिसमें हज़ारों सैनिकों ने गँवाई जान
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     05-12-2018 11:12 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.