जब बापू से पूछा चैपलिन ने एक सवाल

रामपुर

 22-07-2018 10:33 AM
द्रिश्य 2- अभिनय कला

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एक ऐसे मनुष्य थे जिन्हें आज तक हर भारतवासी एक आदर्श मनुष्य के रूप में देखता है। यहाँ तक कि गांधीजी के प्रशंसक सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं हैं, और ना ही कभी सीमित थे। पूरे विश्व से राजनैतिक नेता तथा आंदोलन नेता से लेकर लेखक और यहाँ तक कि मशहूर अभिनेता भी गांधीजी को बहुत ही आदर की नज़र से देखते थे। उन्हीं में से एक थे सबके चहीते चार्ली चैपलिन। बात है सन 1931 की जब गांधीजी इंग्लैंड में मौजूद थे। चैपलिन ने गांधीजी से मिलने की इच्छा ज़ाहिर की और जब गांधीजी को इस बात का पता चला तब गांधीजी जानते भी नहीं थे कि चार्ली चैपलिन कौन हैं। तब उन्हें किसी ने बताया कि, “बापू, वे एक बड़े मशहूर कलाकार हैं”। यह सुनकर बापू ने उनसे भेंट करने को मना कर दिया। परन्तु जब उन्हें बताया गया कि चैपलिन भी भारत के संघर्ष में भारतवासियों के प्रति सहानुभूति रखते हैं तो बापू ने उनसे मिलने का निर्णय लिया।

बापू से मिलकर चैपलिन ने उन्हें अपना परिचय दिया और उनसे यह सवाल पूछा कि आखिर वे मशीनों के विरुद्ध क्यों हैं, आखिर मशीनों के बिना कितने काम रुक सकते हैं। तब बापू ने उन्हें उत्तर दिया कि वे मशीनों के विरुद्ध नहीं हैं बल्कि वे इस बात के विरुद्ध हैं कि ये मशीनें महनती लोगों से उनकी नौकरियां छीन रही हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत ब्रिटिश का सेवक है क्योंकि भारतवासी उनके उत्पादों की ओर आकर्षित हैं तथा हमें आज़ादी इसी शर्त पर मिलेगी कि हम इस आकर्षण से मुक्त हों। बापू और चैपलिन की इस मुलाकात का एक छोटा सा वीडियो ऊपर दिखाया गया है। क्लिक करें और देखें 1931 के इस रोचक वीडियो को।

यह बात तो साफ़ ज़ाहिर है कि चैपलिन गांधीजी के विचारों से काफी प्रभावित थे। वे भी एक आज़ाद राष्ट्र में विश्वास रखते थे। इसी के चलते उनकी फिल्म ‘दी ग्रेट डिक्टेटर’ (The Great Dictator) में उन्होंने हिटलर जैसा ही किरदार अदा किया, हालांकि उस किरदार का नाम बदल दिया गया था। फिल्म में हिटलर वाले किरदार का प्रयोग कर हास्य पैदा किया गया है जिसे नीचे दिए गए वीडियो में देखा जा सकता है:


इस फिल्म के अंत में चैपलिन एक भाषण देते हैं जिसमें उनके विचार काफी हद तक गांधीजी से प्रेरित लगते हैं। वे कहते हैं कि, “हम मनुष्य सोचते बहुत हैं और महसूस बहुत कम करते हैं। मशीनों से ज़्यादा हमें इंसानियत की ज़रूरत है। चालाकी से ज़्यादा हमें नेकी और विनम्रता की ज़रूरत है। इन विशेषताओं के बिना हमारा जीवन अत्यंत हिंसक हो जाएगा और हम सब कुछ खो बैठेंगे”। फिल्म के इस दृश्य को नीचे दिए गए वीडियो पर क्लिक करके देखा जा सकता है:

बापू के साथ-साथ चैपलिन ने चाचा नेहरु (पंडित जवाहरलाल नेहरू) के साथ भी मुलाकात की थी। नेहरू, इंदिरा के साथ स्विट्ज़रलैंड में भारतीय राजदूतों के एक सम्मेलन में भाग ले रहे थे। जहां तक चैपलिन की बात है, वे अमेरिका से बाहर निकाले जाने के बाद स्विट्ज़रलैंड में रह रहे थे। वहीं चैपलिन और नेहरु की मुलाकात हुई। यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि यह मुलाक़ात पहले से निर्धारित थी या यह सिर्फ एक संयोग था। इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें नीचे दिए गए वीडियो में दर्शायी गईं हैं:


संदर्भ:
1.https://mettacenter.org/daily-metta/charlie-chaplin-meets-gandhi-daily-metta/


RECENT POST

  • क्या है एसिड रेन या अम्ल वर्षा?
    जलवायु व ऋतु

     22-01-2019 02:43 PM


  • भारत के अद्भुत उपग्रह प्रक्षेपण वाहन
    संचार एवं संचार यन्त्र

     21-01-2019 02:00 PM


  • उम्मीद का एक सन्देश
    ध्वनि 2- भाषायें

     20-01-2019 10:00 AM


  • सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है दिल के दौरे का खतरा
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     19-01-2019 12:56 PM


  • कैसे होता है परमाणु ऊर्जा का उत्पादन?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-01-2019 12:05 PM


  • आप भी जाने कैसे बनाए जाते है भूकंपरोधी मकान
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     17-01-2019 01:52 PM


  • क्या है कृत्रिम बुद्धिमत्ता या आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस?
    संचार एवं संचार यन्त्र

     16-01-2019 12:43 PM


  • उमंग एप के माध्‍यम से सरकारी विभाग अब आपके हाथ में
    संचार एवं संचार यन्त्र

     15-01-2019 02:45 PM


  • क्या है मकर संक्रांति और क्यों उड़ाते हैं हम इस दिन पतंग?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2019 11:07 AM


  • देश के आज़ाद होने के पहले वर्ष पूर्ण होने पर सरदार पटेल का भाषण
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     13-01-2019 10:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.