बिजली की खोज

रामपुर

 08-04-2018 10:12 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

बिजली शक्ति का एक रूप है और यह वातावरण में पाई जाती है, हम यह नहीं कह सकते की बिजली बनाई गई है। लेकिन बिजली की खोज को लेकर लोगों में बहुत ग़लतफ़हमी है, कुछ लोग मानते हैं की बिजली की खोज बेंजामिन फ्रेंक्लिन (Benjamin Franklin) ने की लेकिन असल में उनके प्रयोग ने केवल बिजली और प्रकाश (Lightning) के बीच सम्बन्ध बताने में मदद किया था। बिजली (Electricity) की खोज असल में 2000 साल पुरानी है , 600 BC में प्राचीन ग्रीस में लोगों ने यह खोजा था की अगर रोंवा(fur) को एम्बर (Fossilized Tree Resin) से रगड़ा जाए तोह एक आकर्षण पैदा होता है, इसे उन्होंने नाम दिया स्थैतिक ऊर्जा (static energy)।

बगदाद बैटरी - पुरातत्वविदों और शोधकर्ताओं ने यह शोध के दौरान कुछ पुराने घडे खोजें , इन घडो में लोहे के रॉड(Rod) पाए गए और ताम्बे का सिलिंडर पाया गया , माना जाता है की इन बैटरीयों का इस्तमाल उर्जा या बिजली पैदा करने के लिए किया जाता था। ऐसी ही बैटरी प्राचीन रोम में भी पाई गई है। 17 वी सदी तक कई नए खोज हुए और वैज्ञानिकों ने जनरेटर(Generator) बनाए , सकारात्मक धार (Postivite Current) और नकारात्मक धार (Negative Current) के बीच भेदभाव बताए , सामग्री का वर्गीकरण हुआ जैसे कौन सी सामग्री कंडक्टर और और कौन इंसुलेटर। इटली के भौतिक वैज्ञानिक अलेस्संद्रो वोल्टा (Alessandro Volta) ने यह खोजा की अगर कुछ विशेष रसायनों को रियेक्ट कराया जाए तो बिजली को पैदा किया जा सकता है। 1800 में उन्होंने एक वोल्टेइक पीले (Voltaic Pile) बनाई जो एक बैटरी की तरह काम करती थी और स्थिर बिजली पैदा करने के योग्य थी। वह पहले आदमी थें जिन्होंने बिजली को एक स्थिर चाल दिया।

1831 में बिजली सबके प्रयोग में आने लगी, इसका श्रेय माइकल फैराडे (Michael Faraday) को जाता है क्योंकि उन्होंने बिजली से चलने वाली डाइनेमो (Electric Dynamo) बनाई थी जो आज के समय के जनरेटर की तरह था। उन्होंने अपने डाइनेमो में चुम्बक लगाया था ताकि उसमे विद्युत् चुम्बकीय छेत्र (Electromagnetic Field) पैदा हो और वह जनरेटर एलेक्ट्रोमोटिव फ़ोर्स (EMF) के सिद्धांत पर काम करता था।

कुछ सालों बाद थॉमस एडिसन (Thomas Edison) ने बल्ब का आविष्कार किया , उन्होंने बल्ब में गरमागरम फिलामेंट लगाया था जो अत्ययंत गर्मी से भी पिघल नहीं सकता था और बिजली का प्रयोग कर उन्होंने बल्ब को जलाया और रौशनी पैदा की। उन्होंने स्वान(Swan) के साथ मिलकर एक कंपनी की स्थापना की और डायरेक्ट करंट (DC) खोजा , आगे चलकर 1882 के सितम्बर के महीने में उन्होंने न्यू यॉर्क के स्ट्रीट लैंप को बिजली से रौशन किया।

बाद में 1800 में सर्बिआ के वैज्ञानिक निकोला टेस्ला (Nikola Tesla) ने बिजली की छेत्र में एक अहम् योगदान दिया और उन्होंने व्यवसायिक बिजली को खोजने में अहम् भूमिका निभाई। निकोला टेस्ला ने कई मशीन और मोटर बनाए और सभी अपने सिद्धांतो पर कार्य करते थें, उन्होंने अल्टरनेटिंग करंट (AC) का अविष्कार किया जो की आज पुरे विश्व में प्रयोग किया जा रहा है। और इसीतरह केवल एक मनुष्य ने बिजली नहीं खोजी बल्कि बिजली और उर्जा की खोज में कई वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का हाँथ है , सबकी अपनी अहम् भूमिका है।

1. आल ओवर द ग्लोब, मीर पब्लिकेशन मास्को
2. http://mrnussbaum.com/history-2-2/franklin-2/



RECENT POST

  • क्या है एसिड रेन या अम्ल वर्षा?
    जलवायु व ऋतु

     22-01-2019 02:43 PM


  • भारत के अद्भुत उपग्रह प्रक्षेपण वाहन
    संचार एवं संचार यन्त्र

     21-01-2019 02:00 PM


  • उम्मीद का एक सन्देश
    ध्वनि 2- भाषायें

     20-01-2019 10:00 AM


  • सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है दिल के दौरे का खतरा
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     19-01-2019 12:56 PM


  • कैसे होता है परमाणु ऊर्जा का उत्पादन?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-01-2019 12:05 PM


  • आप भी जाने कैसे बनाए जाते है भूकंपरोधी मकान
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     17-01-2019 01:52 PM


  • क्या है कृत्रिम बुद्धिमत्ता या आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस?
    संचार एवं संचार यन्त्र

     16-01-2019 12:43 PM


  • उमंग एप के माध्‍यम से सरकारी विभाग अब आपके हाथ में
    संचार एवं संचार यन्त्र

     15-01-2019 02:45 PM


  • क्या है मकर संक्रांति और क्यों उड़ाते हैं हम इस दिन पतंग?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2019 11:07 AM


  • देश के आज़ाद होने के पहले वर्ष पूर्ण होने पर सरदार पटेल का भाषण
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     13-01-2019 10:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.