Machine Translator

ऑल इंडिया रेडियो बढ़ रहा आधुनिकीकरण की ओर

रामपुर

 20-06-2018 02:35 PM
ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

1970 और 1980 के दशक दौरान, रामपुर रेडियो उत्तर भारत के सबसे लोकप्रिय रेडियो स्टेशनों में से एक था। इसके कार्यक्रम उत्तर भारत के हिन्दी भाषी समुदाय में बहुत लोकप्रिय थे। आज इंटरनेट के माध्यम से रेडियो स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के बीच अपनी लाकप्रियता में वृद्धि कर रहा है। सरकारी स्वामित्व वाली ए.आई.आर. (ऑल इंडिया रेडियो) द्वारा नई तकनीक के धीमे अनुकूलन ने रामपुर रेडियो स्टेशन की उपेक्षा का नेतृत्व किया है।

अखिल भारतीय रेडियो भारत के राष्ट्रीय सार्वजनिक रेडियो प्रसारक और प्रसार भारती के दूरदर्शन का एक विभाग है। यह 1930 में स्थापित हुआ था। परन्तु अधिकारिक तौर पर 1956 से इसे 'आकाशवाणी’ के नाम से जाना जाता है। अखिल भारतीय रेडियो दुनिया का सबसे बड़ा रेडियो नेटवर्क है तथा इसका मुख्यालय आकाशवाणी भवन, नई दिल्ली है।

ब्रिटिश राज के दौरान, जुलाई 1923 में बॉम्बे प्रेसीडेंसी रेडियो क्लब और दूसरे रेडियो क्लबों के कार्यक्रमों के साथ प्रसारण की शुरूवात हुई। 23 जुलाई, 1927 के समझौते के अनुसार, निजी भारतीय प्रसारण कंपनी लिमिटेड (आई.बी.सी.) को दो रेडियो स्टेशनों को संचालित करने के लिए अधिकार दिया गया। 23 जुलाई, 1927 को बॉम्बे स्टेशन और 26 अगस्त, 1927 को कलकत्ता स्टेशन शुरू हुआ। हालांकि 1 मार्च, 1930 को कंपनी का दिवाला निकल गया था। सरकार ने 1 अप्रैल, 1930 को प्रसारण सुविधाओं को संभाला और 1 अप्रैल, 1930 को दो साल तक प्रयोगात्मक आधार पर भारतीय राज्य प्रसारण सेवा (आई.एस.बी.एस.) की शुरूवात की गयी। मई 1932 से यह कार्यक्रम स्थायी रूप से संचालित होने लगा। 8 जून, 1936 को आई.एस.बी.एस. का नाम बदलकर ऑल इंडिया रेडियो (AIR) रखा गया। 1 अक्टूबर, 1939 को बाहरी सेवा की शुरूवात हुई, जिसका प्रसारण एक समय पर रोहिल्लाओं द्वारा बोली जाने वाली भाषा पश्तो में हुआ। इसका उद्देश्य अफगानिस्तान, ईरान और अरब राष्ट्र् को जर्मनी से मिल रहे रेडियो प्रचार-प्रसार से टक्कर करने का था।

1947 में जब भारत स्वतंत्र हो गया, तब अखिल भारतीय रेडियो के पास दिल्ली, बॉम्बे, कलकत्ता, मद्रास, लखनउ और तिरूचिरापल्ली के रूप में कुल छः नेटवर्क थे और तीन रेडियो स्टेशन लहौर, पेशावर और करांची, पाकिस्तान के हिस्से में आये। उस समय भारत में रेडियो दल की कुल संख्या लगभग 2,75,000 थी। 23 जुलाई, 1977 को चेन्नई में एफ.एम. प्रसारण की शुरूवात हुयी और 1990 के दशक में इसका विस्तार किया गया।

रेडियो को अक्सर दिमाग का रंगमंच कहा जाता है। भारत में इसने श्रोताओं को हमेशा ‘बिनाका गीत माला’ और ‘जय माला’ जैसे सफल कायक्रमों के माध्यम से रोमांचित किया है। रेडियो उद्योग विविध भारती से रेडियो मिर्ची तक विकसित हुआ है। आज से पहले रेडियो बड़े पैमाने पर संचार का माध्यम था और मनोरंजन के अलावा इसका इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों में लोगों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए किया जाता था।

रेडियो मिर्ची 98.3 एफएम, ‘इट’स हॉट’ टैगलाइन के साथ धूम मचा रहा है। यह भारत में निजी एफ.एम. रेडियो स्टेशनों का देशव्यापी नेटवर्क है। इसका स्वामित्व एंटरटेनमेंट नेटवर्क इंडिया लिमिटेड (ई.एन.आई.एल.) के पास है, जो टाइम्स समूह की सहायक कंपनियों में से एक है। रेडियो मिर्ची का मूल अवतार टाइम्स एफ.एम. था। 1993 में इंदौर में रेडियो मिर्ची के संचालन की शुरूवात हुयी थी। वर्तमान में भारत के 6 महानगरों सहित रेडियो मिर्ची की उपस्थिति 33 से अधिक शहरों में है और यह भारत का सबसे महंगा स्टेशन है, क्योंकि वे अन्य एफ.एम. से दोगुना शुल्क लेते हैं।

प्रिंट या डिजिटल जैसे माध्यमों के सापेक्ष उच्च लागत अर्थव्यवस्थाओं के चलते आज भारत का रेडियो उद्योग काफी संगठित है। वर्ष 2016 में शीर्ष 10 नेटवर्कों द्वारा 90% आय और 80% रेडियो फ्रीक्वेंसी पर पकड़ राखी गयी। इस आंकड़े के साथ-साथ यदि देखा जाये कि 114 शहरों में 400 से अधिक स्टेशनों पर रेडियो का विस्तार है तो पता चलता है कि एक नेटवर्क अब विज्ञापनदाता को महत्तवपूर्ण पहुंच प्रदान कर सकता है और टी.वी. या प्रिंट का विकल्प भी बन सकता है।

इन सब बातों से यह तो स्पष्ट है कि स्मार्टफ़ोन और इन्टरनेट के ज़माने में ऑल इंडिया रेडियो कहीं गुम सा होता जा रहा है। परन्तु आपको बता दें कि ए.आई.आर. भी अपनी पूरी कोशिश कर रहा है आप तक पहुँचने की। अखिल भारतीय रेडियो ने एक मुफ्त मोबाइल फोन ऐप बनाया है जिसके द्वारा एंड्राइड या एप्पल स्मार्टफोन के माध्यम से ए.आई.आर. सुना जा सकता है। इस ऐप के लिंक निम्न हैं-

एंड्राइड - एंड्राइड प्ले स्टोर की ऑल इंडिया रेडियो ऐप के लिए यहाँ क्लिक करें
एप्पल -
एप्पल स्टोर की ऑल इंडिया रेडियो ऐप के लिए यहाँ क्लिक करें

संदर्भ:

1. https://en.wikipedia.org/wiki/All_India_Radio
2. http://allindiaradio.gov.in/Station/RAMPUR/Pages/default.aspx
3. http://infobharti.com/indias-top-10/top-10-radio-stations-of-india.php
4. http://www.mxmindia.com/2017/06/the-ey-report-on-fm-radio/
5. https://www.quora.com/How-can-I-listen-to-live-All-India-Radio-using-Internet



RECENT POST

  • 1839 का रामपुर एक फिरंगी के नज़रिए से
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     16-11-2018 04:48 PM


  • रामपुर की भुला दी गयी 15 बंदूकों की सलामी
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     15-11-2018 06:01 PM


  • थाईलैंड में भारतीय संस्कृति की भूमिका
    धर्म का उदयः 600 ईसापूर्व से 300 ईस्वी तक

     14-11-2018 12:50 PM


  • शक्ति पूजन और 50 से भी अधिक शक्ति पीठ का वास्तविक अर्थ
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-11-2018 12:34 PM


  • प्रथम विश्व युद्ध में हिंदु-मुस्लिम सैनिकों के सहयोगदान से धर्मातंर में न्यूनता
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     12-11-2018 05:00 PM


  • परमाणु बम बनाने वाला वैज्ञानिक भगवद गीता के इस श्लोक से था प्रभावित
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     11-11-2018 10:00 AM


  • बतासी: जो आसमान में ही खाता-पीता और सोता है
    पंछीयाँ

     10-11-2018 10:00 AM


  • शादी से जुड़ी कुछ ऐतिहासिक रस्में जो आज भी रामपुर में जिंदा हैं
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-11-2018 10:00 AM


  • यूपीएससी: देश की सेवा करने का एक अवसर
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     08-11-2018 10:00 AM


  • मकबूल हसन की बुनाई में दीपावली का सन्देश
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     07-11-2018 11:51 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.